प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गोवा को विकास का नया मॉडल करार दिया और राज्य सरकार की जमकर सराहना करते हुए राज्य में ‘डबल इंजन’ के विकास की निरंतरता बनाए रखने का आह्वान किया. ‘आत्मनिर्भर भारत स्वयंपूर्ण गोवा’ कार्यक्रम के लाभार्थियों एवं हितधारकों के साथ संवाद करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि कोविड-19 रोधी टीका कार्यक्रम जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे यहां पर्यटन में वृद्धि होगी और इससे अर्थव्यवस्था को ताकत मिलेगी.
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने बताया कि केंद्र की सरकार ने गोवा में ग्रामीण बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए 500 करोड़ रुपये राज्य को आवंटित किए हैं. कार्यक्रम के लाभार्थियों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, ‘गोवा में ग्रामीण बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए आवंटित बजट में 5 गुना वृद्धि की गई है. केंद्र सरकार ने गोवा में ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.’
गोवा को हर तरह से मिला सहयोग
गोवा को भारत की अर्थव्यवस्था और पर्यटन क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बताते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ साल में केंद्र सरकार ने पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए गोवा को हर तरह से सहयोग दिया है और वहां पर्यटन केंद्रों की स्थापना के लिए भी उसकी मदद की है.
उन्होंने कहा, ‘अब देश ने भी 100 करोड़ टीकों की खुराक का आंकड़ा पार कर लिया है. इससे लोगों में, पर्यटकों में विश्वास बढ़ा है. इससे गोवा के पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा देखने को मिलेगी. गोवा में स्वदेशी और विदेशी दोनों पर्यटकों की आवाजाही भी निश्चित रूप से बढ़ने वाली है.’
गोवा ने हासिल किया खुले में शौच से मुक्ति का लक्ष्य
राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गोवा ने केंद्रीय योजनाओं का क्रियान्वयन भी बहुत अच्छे ढंग से किया है. उन्होंने कहा कि भारत ने खुले में शौच से मुक्ति का लक्ष्य रखा तो गोवा ने शत-प्रतिशत यह लक्ष्य हासिल किया. इसी प्रकार देश ने हर घर को बिजली से जोड़ने, हर घर जल अभियान में और गरीबों को मुफ्त राशन देने के मामले में गोवा ने शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया.
उन्होंने कहा, ‘महिलाओं की सुविधा और सम्मान के लिए जो योजनाएं केंद्र सरकार ने बनाई हैं, उनको गोवा सफलता से जमीन पर उतार भी रहा है और उनको विस्तार भी दे रहा है. चाहे टॉयलेट्स हों, उज्ज्वला गैस कनेक्शन हों या फिर जनधन बैंक अकाउंट हों, गोवा ने महिलाओं को ये सुविधाएं देने में बेहतरीन काम किया है.’
उन्होंने कहा, ‘गोवा यानी आनंद, गोवा यानी प्रकृति, गोवा यानी पर्यटन. लेकिन आज मैं ये भी कहूंगा-गोवा यानी विकास का नया मॉडल. गोवा यानी सामूहिक प्रयासों का प्रतिबिंब. गोवा यानी पंचायत से लेकर प्रशासन तक विकास के लिए एकजुटता.’
राजनीतिक अस्थिरता ने राज्य को पहुंचाया नुकसान
प्रधानमंत्री ने कहा कि गोवा में राजनीतिक अस्थिरता ने राज्य के विकास को बहुत नुकसान पहुंचाया है. राजनीतिक स्थिरता के फायदे गिनाते हुए उन्होंने कहा कि आज गोवा नए आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘मेरे मित्र स्वर्गीय पर्रिकर जी ने गोवा को तेज विकास के जिस विश्वास के साथ आगे बढ़ाया, उसको मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की टीम पूरी ईमानदारी से नई बुलंदियां दे रही है.’
उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य की डबल इंजन की सरकार ने केंद्र की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में अभूतपूर्व काम किया है. उन्होंने कहा, ‘गोवा को डबल इंजन के विकास की निरंतरता की आवश्यकता है. गोवा को अभी जैसा ऊर्जावान नेतृत्व की जरूरत है.’
ज्ञात हो कि गोवा में एक अक्टूबर 2020 को शुरू की गई स्वयंपूर्ण गोवा की पहल प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के आह्वान से प्रेरित थी. इस कार्यक्रम के तहत, राज्य सरकार के एक अधिकारी को ‘स्वयंपूर्ण मित्र’ के रूप में नियुक्त किया जाता है. यह मित्र एक नामित पंचायत या नगरपालिका का दौरा करता है, लोगों के साथ संवाद करता है, विभिन्न सरकारी विभागों के साथ समन्वय करता है और यह सुनिश्चित करता है कि विभिन्न सरकारी योजनाएं एवं लाभ पात्र लाभार्थियों के लिए उपलब्ध हों. इस अवसर पर, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी मौजूद थे.

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