नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि असाधारण परिस्थितियों के बीच में बजट पेश किया गया है। इसमें यथार्थ का अहसास भी और विकास का विश्वास भी है। कोरोना ने दुनिया में जो प्रभाव पैदा किया है उसने पूरी मानवजाति को हिलाकर रख दिया है। इन परिस्थितियों के बीच आज का बजट भारत के आत्मविश्वास को उजागर करने वाला है। साथ ही दुनिया में नया आत्मविश्वास भरने वाला है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के बजट में आत्मनिर्भरता का विजन भी है और हर नागरिक, हर वर्ग का समावेश भी है। इस बजट में जिन सिद्धांतों को लेकर चले हैं। वो हैं- ग्रोथ के लिए नए अवसरों, नई संभावनाओं का विस्तार करना, युवाओं के लिए नए अवसरों का निर्माण करना, मानव संसाधन को एक नया आयाम देना, इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए नए-नए क्षेत्रों को विकसित करना, आधुनिकता की तरफ आगे बढ़ना, नए सुधार लाना।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बजट में नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाकर आम लोगों के जीवन में इज ऑफ लीविंग को बढ़ाने का जोर दिया गया है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर को बधाई दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि कोरोना के चलते कई एक्सपर्ट ये मानकर चल रहे थे कि सरकार आम नागरिकों पर बोझ बढ़ाएगी। लेकिन राजकोषीय स्थिरता (Fiscal sustainability) के प्रति अपने दायित्वों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बजट का साइज बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने निरंतर प्रयास किया है कि बजट पारदर्शी होना चाहिए और मुझे खुशी है कि आज अनेक विद्वानों ने इस बजट के पारदर्शी होने की सराहना की है।
यह बजट देश के हर क्षेत्र में विकास की बात करता है। खासतौर पर मुझे खुशी है दक्षिण, पूर्वोत्तर और उत्तर में लेह-लद्दाख जैसे क्षेत्रों में विकास पर विशेष ध्यान दिया है। यह बजट कोस्टल स्टेट्स (तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल) को बिजनेस पॉवर स्टेट बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

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