भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ‘2+2’ मंत्रिस्तरीय बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और विदेश मंत्री एस जयशंकर (EAM S Jaishankar) कर रहे हैं. वहीं ऑस्ट्रेलिया के पक्ष का प्रतिनिधित्व पायने और ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री पीटर डटन कर रहे हैं. पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच रिश्तों में काफी नजदीकी आई है.
व्यापक रणनीतिक साझेदारी के आधार पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा संबंधों में महत्वपूर्ण प्रगति की तारीफ करते हुए भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मानव रहित वाहनों के मामले में नए क्षेत्रों की खोज कर रहे हैं. नई दिल्ली में चल रही भारत-ऑस्ट्रेलिया 2 + 2 मंत्रिस्तरीय वार्ती में राजनाथ सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष स्कॉट मॉरिसन के बीच जून 2020 में वर्चुअल लीडर की शिखर वार्ता के दौरान हम व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर पहुंचे.

द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति देखकर खुश
राजनाथ सिंह ने कहा कि यह दिखाता है कि कैसे हम करीब हैं. यह पार्टनरशिप एक मुक्त, खुले, समावेशी और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण पर आधारित है. इस क्षेत्र में शांति, विकास और व्यापार के मुक्त प्रवाह, नियम-आधारित व्यवस्था और आर्थिक विकास में ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों साझेदार हैं. सिंह ने कहा, हम भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों में महत्वपूर्ण प्रगति को देखकर खुश हैं. हमारे रक्षा संबंधों के बीच अंतर-संचालन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है.
सशस्त्र बलों के बीच तालमेल बढ़ा
उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंधों में संयुक्त अभ्यास के कारण हमारे सशस्त्र बलों में तालमेल बढ़ा है. उन्होंने महामारी के दौरान यात्रा करने के लिए ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल को धन्यवाद दिया. राजनाथ सिंह ने ये भी कहा कि हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मानव रहित वाहनों के विकास में नए क्षेत्रों की खोज कर रहे हैं. COVID-19 के समय में आपकी भारत यात्रा हमारे मजबूत संबंधों को दर्शाती है. मैं आकर्षक और उपयोगी वार्ता के लिए आशान्वित हूं.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा ये
मीटिंग के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने कहा कि हम एक बहुत ही महत्वपूर्ण समय पर मिल रहे हैं, जब महामारी के साथ-साथ हमारे पास एक भू-राजनीतिक वातावरण है जो तेजी से प्रवाह में है.  हमें द्विपक्षीय रूप से एक शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अन्य समान विचारधारा वाले भागीदारों के साथ अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए साथ आना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं यह भी मानता हूं कि अफगानिस्तान में घटनाक्रम आज हमारे बीच चर्चा का एक महत्वपूर्ण विषय है. निश्चित रूप से यह बैठक हमें व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करने और आगे बढ़ाने का अवसर देती है.
प्रधानमंत्रियों की इस महीने के अंत में मीटिंग
विदेश मंत्री जयशंकर ने ऑस्ट्रेलियाई विदेश और रक्षा मंत्री के साथ चल रही मीटिंग में ऐलान किया कि दोनों देशों के प्रधानमंत्री इस महीने के आखिर में मिलने वाले हैं. जयशंकर के संबोधन का यह संदर्भ 24 सितंबर को अमेरिकी दौरे के तहत पीएम मोदी की QUAD मीटिंग को लेकर था.

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