नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा है कि कोरोना टीकाकरण अभियान को बड़ी सफलता मिली है. देश ने कोरोना काल कई चुनौतियों का सामना किया. अब देश नई ऊर्जा से आगे बढ़ रहा है. पीएम ने कहा, 100 करोड़ वैक्सीन डोज के बाद आज देश नए उत्साह, नई ऊर्जा से आगे बढ़ रहा है. हमारे टीकाकरण कार्यक्रम की सफलता, भारत के सामर्थ्य को दिखाती है. उन्होंने कहा कि 100 करोड़ वैक्सीन डोज का आंकड़ा बहुत बड़ा जरूर है. मैं अपने देश, अपने देश के लोगों की क्षमताओं से भली-भांति परिचित हूं. मैं जानता था कि हमारे हेल्थकेयर वर्कर्स देशवासियों के टीकाकरण में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे.
उन्होंने कहा कि लाखों स्वास्थ्य कर्मियों के परिश्रम की वजह से ही भारत 100 करोड़ वैक्सीन डोज का पड़ाव पार कर सका है. आज मैं हर उस भारतवासी का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने ‘सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन’ अभियान को इतनी ऊंचाई दी, कामयाबी दी. पीएम ने कहा कि हमारे यहां रंगोली के जरिए त्योहारों में रंग भरने की परंपरा तो सदियों से है. रंगोली में देश की विविधता के दर्शन होते हैं. संस्कृति मंत्रालय इससे भी जुड़ा एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित करने जा रहा है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले महीने, 15 नवंबर को हमारे देश के महापुरुष, वीर योद्धा, भगवान बिरसा मुंडा जी की जन्म-जयंती आने वाली है. भगवान बिरसा मुंडा ने अपनी संस्कृति, अपने जंगल, अपनी जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया. उन्होंने हमें अपनी संस्कृति और जड़ों की प्रति गर्व करना सिखाया. उन्होंने कहा कि भारत ने सदैव विश्व शांति के लिए काम किया है. इस धरती को एक बेहतर और सुरक्षित ग्रह बनाने में भारत का योगदान, विश्व भर के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है.
उत्तराखंड की बागेश्वर की पूनम नौटियाल ने ‘मन की बात’ में पीएम मोदी से अनुभव साझा किए. इसके बाद पीएम ने कहा कि ‘साथियों, ये बागेश्वर उत्तराखंड की उस धरती से है. जिसने शत-प्रतिशत पहला डोज लगाने का काम पूरा कर दिया है. उत्तराखंड सरकार भी इसके लिए अभिनंदन का अधिकारी है. क्योंकि, बहुत दुर्गम और कठिन क्षेत्र है.
पीएम मोदी आगे कहा कि मेरा सौभाग्य है मुझे बागेश्वर आने का अवसर मिला था. क्योंकि बागेश्वर एक प्रकार से तीर्थ क्षेत्र रहा है. वहां पुरातन मंदिर वगैरह भी हैं और मैं बहुत प्रभावित हुआ था सदियों पहले कैसे लोगों ने काम किया होगा. बता दें, पीएम मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम को संबोधित करते हैं, लेकिन इस बार कार्यक्रम का प्रसारण एक हफ्ते पहले यानी महीने के दूसरे आखिरी रविवार को किया गया.

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