लखनऊः राजधानी में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा आयोजित ‘सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन’ को सीएम योगी ने संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. सीएम योगी ने कहा कि सपा सरकार के समय आतंकवादियों के मुकदमें वापस होते थे. हिंदुओं पर झूठे मुकदमें दर्ज होते थे. रामभक्तों पर गोली चलाई जाती थी और आतंकवादियों की आरती उतारी जाती थी.
सीएम ने कहा कि 2014 के पहले देश की स्थिति क्या थी. व्यापक असंतोष था. अविश्वास था. रोज एक नया घोटाला आ जाता था. कांग्रेस नेतृत्व की UPA की सरकार देश की कीमत पर राजनीति कर रही थी. देश की बाह्य सुरक्षा भी खतरे में थी और आंतरिक सुरक्षा भी खतरे में थी. बाह्य सुरक्षा के मोर्चे पर कभी चीन तो कभी पाकिस्तान भारत की सीमाओं में घुसपैठ करता था और जब कहीं इसकी आवाज उठती थी तो कांग्रेस नेतृत्व की सरकार कहती थी कि चुप हो जाओ मत बोलना.
योगी ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा की स्थिति यह थी कि जगह-जगह आतंकवाद सिर चढ़के बोलता था. कहीं आतंकवाद, कहीं नक्सलवाद, कहीं अराजकता थी. सपा सरकार के समय तो आंतकवादियों ने तो मध्यकाल की याद ताजा कर दी थी, मंदिरों और मठों पर हमले होते थे. हिंदू समाज की भावनाओं को कुठाराघात करके रौंदा जाता था और ये दृश्य कहीं देखने को मिल रहा था. तो वो सपा सरकार के समय देखने को मिल रहा था. थाने-तहसीलें बिक चुकी थीं, गिरवी रख दी गई थीं. सपा और बसपा कार्यकर्ता, उनकी सरकार में केवल लूट मचाए हुए थे.
विपक्ष पर हमला करते हुए सीएम ने कहा कि जब सपा-बसपा और कांग्रेस की सरकार बनती है तो उनको अपने-अपने परिवार से फुर्सत नहीं होती है. वो आतंकवादियों के लिए काम करते हैं जो 2012 में सपा ने करके दिखाया था. उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार होगी तो दंगा भड़काने की कोई हिम्मत नहीं करेगा. गरीबों की संपत्ति हड़पने की हिम्मत कोई माफिया नहीं करेगा. हिम्मत हुई तो राज्य सरकार का बुलडोजर उनके सीने के ऊपर से चलेगा. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आतंकवाद की जड़, जिसे 1952 में कांग्रेस द्वारा अंकुरित किया गया था. भाजपा की केंद्र सरकार ने कश्मीर में अनुच्छेद-370 को निरस्त कर ‘आतंकवाद के ताबूत में आखिरी कील’ ठोकने का काम किया है.
योगी ने कहा कि आजमगढ़ के नेशनल कॉलेज में अजित राय की वंदे मातरम कहने पर हत्या कर दी गई थी. मऊ के लोगों और अजित राय के परिवार के लोगों को मैंने ही न्याय दिलवाया था. योगी ने आगे कहा कि हमको देखना होगा आजादी के बाद से अब तक आपके समाज का गवर्नर नहीं बना था. हमने बनाया. दारा सिंह बड़ा मंत्रालय देख रहे हैं. समाज का प्रतिनिधित्व बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि 1990 में हमारी सरकार होती तो क्या गोली चलती. क्या गोली चलवाने वालों को माफ कर देंगे. यह गौरव की अनुभूति कराने वाला अवसर है. भगवान राम मंदिर बनना 130 करोड़ भारतीयों ने मध्यकाल की गलती को सुधारा है. स्वाभिमानी समाज गुलामी की बेड़ियों को नहीं सहन कर सकता है.

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