लखीमपुर खीरी कांड की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) के हाथ शुक्रवार को बड़े सबूत लगे हैं. एसआईटी ने आरोपी अंकित दास के फ्लैट से हथियार बरामद किए हैं. अब एसआईटी की टीम पता लगा रही है कि लखीमपुर हिंसा के दौरान आरोपी के पास ये हथियार मौजूद थे या नहीं. अगर आरोपी के पास हथियार थे तो क्या घटनास्थल पर इन हथियारों से गोलियां चलाई गई थीं. एसआईटी सभी पक्षों का गहन से जांच कर रही है.
लखीमपुर कांड के आरोपी अंकित दास के फ्लैट से एक पिस्टल और एक रिपीटर गन बरामद किए गए हैं. पिस्टल का लाइसेंस अंकित दास और रिपीटर गन का लाइसेंस लतीफ उर्फ काले के नाम है. हुसैनगंज क्ले स्क्वायर के एमआई अपार्टमेंट से एसआईटी ने हथियार बरामद किए हैं.
वहीं, इससे पहले अंकित दास ने माना कि वो नेपाल भाग गया था. घटना के बाद लखनऊ में पहली रात अपने फ्लैट में ठहरा. फिर होटल में रुकने के बाद 8 अक्टूबर को नेपाल भाग गया था. अंकित दास ने फॉर्च्यूनर में आशीष मिश्रा के होने से इनकार किया है. उसने कहा कि हमले के कारण उसने गाड़ी तेज चलाई थी. साथ ही किसी ने कोई फायरिंग नहीं की थी. अंकित ने कहा कि मैं निर्दोष हूं, मैंने कोई घटनाक्रम नहीं किया है. हम लोग बस फ्लीट में थे. मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है.
लखीमपुर खीरी कांड में एसआईटी ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा और उनके दोस्त अंकित दास सहित चार आरोपियों की मौजूदगी में अपराध स्थल पर जाकर क्राइम सीन रिक्रिएट (अपराध से जुड़े घटनाक्रम को दोहराना) किया. क्राइम सीन रिक्रिएट प्रक्रिया में आशीष मिश्रा और अंकित दास के अलावा गनमैन लतीफ और ड्राइवर शेखर भारती भी शामिल थे.

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