तीन दिन के दौरे पर जम्मू-कश्मीर पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह आज जम्मू पहुंच चुके हैं. यहां पहुंचकर उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जम्मू के नए कैंपस का उद्घाटन किया. इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और उपराज्पाल मनोज सिन्हा भी मौजूद रहे. इसके बाद वो जम्मू-कश्मीर की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे और इसके बाद वो एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. अमित शाह यहां बीजेपी के सांसद और विधायकों से भी मुलाकात करेंगे.

पांच अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और जम्मू कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद शाह की यह पहली कश्मीर यात्रा है. शाह के घाटी दौरे से पहले पूरे कश्मीर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. अधिकारियों ने बताया कि घाटी में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है.
उन्होंने बताया कि विशेष रूप से यहां शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हाल में आम नागरिकों की हत्याओं के मद्देनजर अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की 50 कंपनियों करीब 5000 जवानों को घाटी में तैनात किया जा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर के कई इलाकों के साथ कश्मीर घाटी के अन्य हिस्सों में केंद्रीय अर्धसैनिक बल (सीआरपीएफ) के बंकर बनाए गए हैं.
शहीद पुलिसकर्मी के परिजनों से मिले
दौरे के पहले दिन कश्मीर पहुंचते ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सबसे पहले आतंकवादियों के हमले में शहीद हुए एक पुलिस अधिकारी के परिजनों से मिलने के लिए पहुंचे. वो एयरपोर्ट से शाह सीधे शहर के बाहरी नौगाम इलाके में निरीक्षक परवेज अहमद के घर गए. पुलिस अधिकारी की 22 जून को आतंकवादियों ने उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी थी जब वो एक स्थानीय मस्जिद से नमाज अता कर घर लौट रहे थे.
सुरक्षा और आतंकवाद निरोधी कदमों की समीक्षा की
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कश्मीर घाटी में आम नागरिकों खासकर गैर-स्थानीय श्रमिकों और अल्पसंख्यकों पर बढ़े हमलों के मद्देनजर शनिवार को घाटी में सुरक्षा हालात और आतंकवाद से निबटने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की. अधिकारियों ने बताया कि शाह ने यहां राजभवन में हुई बैठक में सुरक्षा हालात का जायजा लिया. इस बैठक में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा प्रशासन के शीर्ष अधिकारी और सेना, सीआरपीएफ, पुलिस तथा अन्य एजेंसियों के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी भी शामिल हुए.
उन्होंने बताया कि गृह मंत्री को जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद का सफाया करने के लिए उठाए गए कदमों और बलों द्वारा घुसपैठ रोकने के लिए किए गए उपायों के बारे में जानकारी दी गई. घाटी में इस अक्टूबर माह में 11 आम नागरिकों की हत्या कर दी गई. इसी पृष्ठभूमि में शाह कश्मीर दौरे पर पहुंचे हैं. मारे गए लोगों में से पांच बिहार के श्रमिक थे जबकि दो शिक्षकों समेत तीन लोग कश्मीर में अल्पसंख्यक समुदायों से थे.
श्रीनगर से शारजाह के बीच सीधी उड़ान को दिखाई हरी झंडी
शाह ने शनिवार को यहां शेख उल-आलम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से श्रीनगर-शारजाह की पहली सीधी उड़ान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे 11 साल बाद फिर से घाटी और संयुक्त अरब अमीरात के बीच सीधे हवाई संपर्क की शुरुआत हो गई. ‘गो फर्स्ट’ द्वारा संचालित उड़ान भारतीय समयानुसार शाम 6.30 बजे शारजाह के लिए रवाना हुई और रात 9 बजे के आसपास संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में उतरने वाली है. शाह ने यहां राजभवन से डिजिटल माध्यम से उड़ान को हरी झंडी दिखाई.
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 14 फरवरी, 2009 को श्रीनगर हवाई अड्डे से दुबई के लिए पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू की गई थी, लेकिन यात्रियों की कमी के कारण इस साप्ताहिक सेवा को बंद कर दिया गया था. पहले गोएयर के नाम से जानी जाने वाली गो फर्स्ट श्रीनगर से सीधी अंतरराष्ट्रीय यात्री और मालवाहक उड़ान का संचालन शुरू करने वाली पहली एयरलाइन है. यह श्रीनगर और शारजाह के बीच एक सप्ताह में चार उड़ानें संचालित करेगी. एयरलाइन ने एक बयान में कहा, ”शारजाह के लिए सीधी उड़ान शुरू होने से श्रीनगर और यूएई के बीच व्यापार तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.”

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