उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आज चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 14 मई को खत्म हो रहा है. हमने सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की है. सभी जिलों के जिलाधिकारियों और एसपी से मुलाकात की गई है. इसके अलावा, वरिष्ठ अधिकारियों संग चर्चा भी की गई है. उन्होंने कहा, सभी विभागों के अधिकारियों से मुलाकात कर ली गई है और अपराधों को नियंत्रित करने को लेकर चर्चा हुई है.
2022 यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर चंद्रा ने कहा कि राजनीतिक दलों ने अनुरोध किया कि कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए चुनाव कराए जाएं. हालांकि, उन्होंने रैलियों के आयोजन को लेकर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि अंतिम मतदाता सूची 5 जनवरी, 2022 को जारी की जाएगी. वहीं, चुनाव आयुक्त ने कहा कि 80 साल से ज्यादा उम्र के लोग अगर ना आना चाहें तो चुनाव आयोग उन्हें घर पर वोट डालने की सुविधा देगी. इसके अलावा, ये सुविधा विकलांग और कोविड प्रभावित लोगों के लिए भी होगी. इसके लिए बकायदा एक टीम मतदाताओं के घर जाएगी और उन्हें वीडियोग्राफी का टाइम बताया जाएगा.
पोलिंग टाइम एक घंटा बढ़ाया जाएगा
चुनाव आयुक्त ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ मतदाता हैं. चुनाव में कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया जाएगा. इस दौरान सभी उचित उपाय किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि कई राजनैतिक पार्टियों ने रैलियों की संख्या को कम करने की बात कही है. इस बार कोरोना को देखते हुए पोलिंग टाइम को एक घंटा बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा, सभी मतदान केंद्रों पर वीवीपैट लगाए जाएंगे. चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगभग 1 लाख मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी. इसके अलावा, सभी मतदान अधिकारी फुली वैक्सीनेटेड होंगे.
यूपी में कम मतदान को लेकर जताई चिंता
सुशील चंद्रा ने कहा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में 61 फीसदी मतदान हुआ था. 2019 के लोकसभा चुनाव में यूपी में 59 फीसदी मतदान हुआ था. यह चिंता का विषय है कि जिस राज्य में लोगों में राजनीतिक जागरूकता अधिक है, वहां मतदान प्रतिशत कम क्यों है? उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान वोटिंग मतदान की तारीख को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक होगी. 1250 मतदाता पर एक बूथ तैयार होगा. उन्होंने कहा कि फाइनल मतदाता सूची आने के बाद उसमें नाम जोड़े जा सकेंगे.
18 से 19 वर्ष के आयु वर्ग के वोटर्स की संख्या बढ़ी
मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि मतदान वाले राज्यों में कोविड -19 टीकाकरण में तेजी लाना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि 18 से 19 वर्ष के आयु वर्ग में नए मतदाताओं की संख्या पिछले चुनाव की तुलना में तीन गुना अधिक है. साथ ही महिलाओं का अनुपात 839 से बढ़कर 868 हो गया है. उन्होंने बताया कि कोरोना संकट का ध्यान रखते हुए इस बार यूपी में पोलिंग बूथ की संख्या को 11 हजार तक बढ़ा दिया गया है. राज्य में 1,74,391 पोलिंग बूथ होंगे. इसके अलावा, 4030 मॉडल पोलिंग बूथ भी होने वाले हैं. हर विधानसभा में 10 मॉडल बूथ होंगे. सभी बूथों पर ईवीपी में वीवीपैट लगाई जाएगी.
कोरोना के दौरान बड़ी राजनीतिक रैलियों को लेकर सुशील चंद्रा ने कहा, हमने लखनऊ में स्वास्थ्य सचिव से इस मुद्दे पर चर्चा की है. जब चुनाव की घोषणा होगी, तब की स्थिति को देखते हुए हम इस मुद्दे पर विशेष रूप से निर्देश जारी करेंगे.
ओमिक्रॉन को लेकर चुनाव टालने की हुई थी चर्चा
दरअसल, कोरोनावायरस के नए ओमिक्रॉन वेरिएंट को देखते हुए पिछले हफ्ते इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से अपील की कि उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को टाल दिया जाए. साथ ही राज्य में होने वाली रैलियों पर तुरंत रोक लगा दी जाए. वहीं, चुनाव आयोग ने कहा था कि हालात का जायजा लेने के बाद इस दिशा में ठोस निर्णय लिया जाएगा. हालांकि, इसके बाद से ही चुनाव के टलने की चर्चा शुरू होने लगी थी. आज इस पर चुनाव आयोग अहम फैसला लेने वाला है.

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