देश की राजधानी दिल्‍ली समेत एनसीआर में एक बार फिर वायु प्रदूषण (Delhi Air Pollution) के हालात गंभीर हो गए हैं. दिल्ली में कम तापमान और धीमी हवाओं के कारण पैदा हुई मौसम संबंधी प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण वायु प्रदूषण का स्तर शनिवार को भी ‘गंभीर’श्रेणी में रहा और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 386 दर्ज किया गया है. हवा की रफ्तार बढ़ने से 29 नवंबर से वायु गुणवत्‍ता (AQI) एक्यूआई में सुधार होने का अनुमान है. अगले दो दिन के दौरान स्थानीय सतही हवाओं द्वारा प्रदूषकों को कम किये जाने की प्रक्रिया में थोड़ी वृद्धि होने की संभावना है, जिससे वायु प्रदूषण में थोड़ा सुधार होगा.
29 नवंबर से प्रदूषण से राहत की उम्‍मीद
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता निगरानी एजेंसी ‘सफर’ ने कहा कि हवा की गति में वृद्धि के कारण 29 नवंबर से एक्यूआई में महत्वपूर्ण सुधार होने की उम्मीद है. पड़ोसी शहरों फरीदाबाद (423), गाजियाबाद (378), ग्रेटर नोएडा (386), गुड़गांव (379) और नोएडा (394) में शनिवार को वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही.
इससे पहले ‘सफर’ ने बताया कि सोमवार तक कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. उसने बताया कि स्थानीय उत्सर्जकों और मौसमी परिस्थितियों के वायु गुणवत्ता को नियंत्रित करने वाले प्रमुख कारक बने रहने की संभावना है.
एक्यूआई को शून्य और 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 और 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है.
अगले आदेश तक निर्माण गतिविधियों पर पाबंदी
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली सरकार ने निर्माण एवं तोड़फोड़ की गतिविधियों पर बीते गुरुवार को फिर से प्रतिबंध लगा दिया. कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में अगले आदेश तक निर्माण गतिविधियों पर फिर से रोक लगाने का निर्देश दिया था.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाने से प्रभावित होने वाले मजदूरों को पांच-पांच हजार रुपये की सहायता दी जाएगी और उनकी सरकार उन्हें न्यूनतम मजदूरी के नुकसान की भरपाई भी करेगी.
इससे पूर्व, वायु गुणवत्ता में सुधार और श्रमिकों को हो रही परेशानी की वजह से सोमवार को निर्माण एवं तोड़फोड़ गतिविधियों से प्रतिबंध हटा दिया गया था. दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता में सुधार के मद्देनजर स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में प्रत्यक्ष कक्षाएं तथा सरकारी दफ्तरों को 29 नवंबर से फिर शुरू करने का बुधवार को फैसला किया था.
आवश्यक सेवाओं में लगे ट्रकों को छोड़कर ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध तीन दिसंबर तक जारी रहेगा, लेकिन सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों को 27 नवंबर से दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी. दिल्ली सरकार ने 13 नवंबर को सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने, निर्माण और तोड़-फोड़ की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था.
दिल्ली सरकार ने इसके साथ ही अपने कर्मचारियों को, वायु प्रदूषण से निपटने तथा स्वास्थ्य पर इसके प्रभावों से बचने के लिए घर से काम करने के लिए कहा था. दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में गैर-जरूरी सामान लाने-लेजाने वाले ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के अलावा, पाबंदियों को और बढ़ा दिया था.

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