उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती में सोमवार को एक मामले पर फिर सुनवाई हुई। इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज दिव्यांगों को दिए गए आरक्षण के मुद्दे पर कोर्ट में सुनवाई। आज इस मुद्दे पर सूर्य प्रकाश केसरवानी की पीठ में सुनवाई हुई। कोर्ट ने विभाग से फिर से डेटा उपलब्ध कराने के लिए कहा। उन्होंने सरकारी वकील से एक सप्ताह के अंदर दिव्यांगों से 69 हजार शिक्षकों की भर्ती में दिए गए आरक्षण की सूची मांगी। उन्होंने कहा कि अगर दिव्यांगों को 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया गया है, तो उसकी पूरी सूची उपलब्ध कराई जाएगी।

69000 शिक्षक भर्ती में चार प्रतिशत विशेष आरक्षण न दिए जाने की वजह से उपेंद्र मिश्रा सहित अन्य लोग कोर्ट गए हुए हैं। इस मुद्दे पर पूर्व में जस्टिस अभिनव उपाध्याय की बेंच ने भी सुनवाई की थी। आज कोर्ट की तरफ से मांगे गए डेटा को सरकारी वकील भी नहीं उपलब्ध करा पाएं। जिसके बाद आज फिर से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिर से सरकारी वकील से अगले सप्ताह में डेटा उपलब्ध कराने के लिए कहा है। आज इस मुद्दे पर दिव्यांगजनों की तरफ से अधिवक्ता गिरिजाशंकर मिश्रा सहित अन्य वकीलों ने बहस की। इस मुद्दे पर बहस कर रहे वकीलों ने कोर्ट से भर्ती पर स्टे की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इस मुद्दे पर सुनवाई की अगली तारीख 21 जुलाई तय की। सरकारी वकील ने कोर्ट में आज फिर से 15 से 20 दिन का समय मांगा, लेकिन कोर्ट ने महज एक सप्ताह के अंदर ही डेटा उपलब्ध कराने के लिए कहा। बता दें, इस भर्ती प्रक्रिया में दिव्यांग अभ्यर्थियों को बेसिक शिक्षा परिषद की तरफ से महज तीन प्रतिशत ही आरक्षण दिया गया है।

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