मध्य प्रदेश सरकार का मज़दूरों को तोहफा

अपने प्रदेश में ही रोज़गार देगी मध्य प्रदेश सरकार

‘प्रवासी श्रमिक आयोग’ के तहत मिलेगा रोजगार

लॉकडाउन के वक्त मध्य प्रदेश लौटे थे तमाम मज़दूर 

मध्य प्रदेश. कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई को लेकर लगाए गए लॉकडाउन के दौरान बड़ी संख्या में मज़दूर मध्य प्रदेश वापस आ गए थे, हालांकि अभी तक उन प्रवासी मज़दूरों की माली हालत जस की तस बनी हुई है। मज़दूरों की हालत को देखते हुए उन्हें रोजगार देने और आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए मध्यप्रदेश में ‘प्रवासी श्रमिक आयोग’ का गठन किया गया है।

मध्यप्रदेश राज्य प्रवासी श्रमिक आयोग को लेकर शिवराज सरकार की ओर से कहा गया था कि मज़दूरों को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार दिलाने और उनके परिवार के कल्याण और विकास के लिए इस आयोग का गठन किया गया है।

एमपी में ही रोजगार देने का उद्देश्य

राज्य सरकार का कहना है कि राज्य प्रवासी श्रमिक आयोग का उद्देश्य मज़दूरों को उनके ही राज्य में रोजगार देने का है, ताकि सभी मज़दूर अपने घर में या फिर प्रदेश में ही रहकर काम कर सकें।

मजदूरों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

मध्य प्रदेश के श्रम विभाग की ओर से ‘मध्यप्रदेश राज्य श्रमिक आयोग’ के गठन का आदेश भी जारी कर दिया गया है, श्रम विभाग ने बताया कि ऐसे प्रवासी श्रमिक, जो मध्यप्रदेश के मूल निवासी हैं और अन्य राज्यों में श्रमिक के रूप में काम कर रहे थे और एक मार्च, 2020 या उसके बाद मध्यप्रदेश वापस लौटे हैं, ऐसे श्रमिकों को सरकार की अलग-अलग योजनाओं का लाभ दिया जाएगा, इसके अलावा यदि भविष्य में कोई प्रवासी मजदूर वापस मध्यप्रदेश आता है तो वो भी इसके तहत लाभ ले सकेगा।

 

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