लखनऊः होमगार्ड स्वयंसेवक के पद पर मृतक, स्थायी रूप से अपंग होमगार्ड स्वयंसेवक के आश्रित के चयन के लिए शासनादेश में वर्णित चयन समिति के स्थान पर अब संबंधित जिले के कमांडेंट ही नियुक्ति प्राधिकारी के रूप में काम करेंगे. ये जानकारी अपर मुख्य सचिव होमगार्ड श्री अनिल कुमार ने दी है.
होमगार्ड्स को मिलेंगे ये फायदे
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि इसके संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए होमगार्ड उत्तर प्रदेश लखनऊ, समस्त मण्डलीय कमाण्डेंट होमगार्ड ग्रेड-1 और ग्रेड-2, उ. प्र. डिप्टी कमाण्डेंट जनरल होमगार्ड्स मुख्यालय लखनऊ, प्रयागराज, आगरा, झांसी और समस्त जिला कमाण्डेंट होमगार्ड्स उत्तर प्रदेश को निर्देश जारी कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि होमगार्ड्स एवं अवैतनिक होमगार्ड्स पदाधिकारी की सेवाअवधि में मृत्यु, स्थायी रूप से अपंग होने पर उसके पात्र आश्रित के चयन में वहीं प्रक्रिया, मानदण्ड अपनाये जायेंगे. जो सामान्य तौर पर होमगार्ड पदाधिकारी की भर्ती के समय अपनाये जाते हैं. उन्होंंने बताया कि होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती हेतु निर्गत शासनादेश में होमगार्ड की भर्ती हेतु चयन समिति निर्धारित की गयी है.
अपर मुख्य सचिव अनिल कुमार ने बताया कि शासन के संज्ञान में आया कि उक्त चयन समिति के गठन में समय लगता है, जिसकी वजह से मृतक आश्रित भर्ती में काफी समय लगता है. उन्होंने बताया कि होमगार्ड स्वयंसेवकों की मृत्यु, स्थायी रूप से अपंग होने की दशा में उनके पात्र आश्रितों को अनुकम्पा और योग्यता के आधार पर होमगार्ड पद पर यथाशीघ्र सेवायोजित किया जाना उसके भरण पोषण के लिए जरूरी है. इसके साथ ही मृतक आश्रितों की भर्ती में कई प्रतिभागियों में से नियुक्तियों के अनुरूप प्रतिस्पर्धा के आधार पर चयन निहित नहीं है. अभ्यर्थी विशेष के योग्य होने की दशा में अनिवार्य चयन होगा.

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