मार्लोन सैमुअल्स की करिश्माई पारी तथा कप्तान डेरेन सैमी के चमत्कारिक खेल से वेस्टइंडीज ने कई विपरीत परिस्थितियों से पार पाकर रविवार को मेजबान श्रीलंका को 36 रन से हराकर आईसीसी विश्व ट्वंटी20 का खिताब जीता।
दो बार के वनडे विश्व कप विजेता वेस्टइंडीज पहली बार ट्वंटी20 का चैंपियन बना है जबकि श्रीलंका फाइनल का मिथक तोडऩे में नाकाम रहा। पिछले पांच साल में यह चौथा अवसर है जबकि वनडे और ट्वंटी20 विश्व कप के फाइनल में श्रीलंकाई टीम को पराजय झेलनी पड़ी।
यह मुकाबला क्रिस गेल बनाम श्रीलंका माना जा रहा था। गेल की विश्व कप जीतने की भविष्यवाणी तो सही साबित हुई लेकिन वह स्वयं 16 गेंद पर केवल तीन रन बना पाए। वेस्टइंडीज यदि छह विकेट पर 137 रन बना पाया तो इसका श्रेय सैमुअल्स को जाता जिन्होंने 56 गेंद पर तीन चौकों और छह छक्कों की मदद से 78 रन बनाए। सैमी ने 15 गेंद पर नाबाद 26 रन ठोके।
वेस्टइंडीज ने पहले 11 ओवर में 38 रन बनाए थे लेकिन वह आखिरी नौ ओवर में 99 रन ठोक गया। श्रीलंका का स्कोर 11 ओवर तक तीन विकेट पर 53 रन था। वेस्टइंडीज ने तो इसके बाद खूब रन बनाए लेकिन श्रीलंका ने विकेट गंवाए। उसकी टीम 18.4 ओवर में 101 रन पर ढेर हो गई। श्रीलंका की तरफ से कप्तान माहेला जयवर्धने ने 36 गेंद पर सर्वाधिक 33 रन बनाए।

वेस्टइंडीज के लिए सुनील नारायण ने नौ रन देकर तीन और सैमी ने छह रन देकर दो विकेट लिए। सैमुअल्स ने गेंदबाजी में भी कमाल दिखाया तथा चार ओवर में 15 रन देकर एक विकेट लिया। वेस्टइंडीज ने 1975 और 1979 में वनडे विश्व कप जीता था। उसके बाद वह अब 32 साल बाद विश्व चैंपियन बना है। कैरेबियाई टीम ने इस बीच 2004 में आईसीसी चैंपियन्स ट्राफी जीती थी।

श्रीलंका के लिए लक्ष्य आसान माना जा रहा था, लेकिन वेस्टइंडीज के तेज और स्पिन मिश्रित आक्रमण का उसके बल्लेबाजों के पास कोई जवाब नहीं था। रवि रामपाल ने पारी के दूसरे ओवर में पहली गेंद पर ही तिलकरत्ने दिलशान को बोल्ड किया। जयवर्धने और कुमार संगकारा (26 गेंद पर 22 रन) ने दूसरे विकेट के लिए 42 रन जोड़े लेकिन इसके लिए उन्होंने 50 गेंद खर्च की। इसके बाद 21 रन के अंदर छह विकेट निकलने से श्रीलंका लडख़ड़ा गया।

सैमुअल बद्री ने संगकारा को गेंद हवा में लहराने के लिए मजबूर किया तो सैमी ने एंजेलो मैथ्यूज की गिल्लियां बिखेरी। इस बीच हल्की बारिश आने लगी तो जयवर्धने ने डकवर्थ लुईस की शीट देखकर अपनी स्थिति भी परखी। श्रीलंका काफी पीछे था और यहां से उसने तेजी से रन बनाने की हड़बड़ी में विकेट गंवाए।
जयवर्धने को दो बार जीवनदान मिला लेकिन नारायण की गेंद को हवा में उठाने का प्रयास उन्हें महंगा पड़ा क्योंकि सैमी ने उनका कैच लेने में गलती नहीं की। जीवन मेंडिस और तिसारा परेरा रन आउट हो जबकि सैमी ने लाहिरू तिरिमाने को पवेलियन भेजा जिससे स्कोर सात विकेट पर 69 रन हो गया।

ऐसे में नुवान कुलशेखरा (13 गेंद पर 26 रन) ने रामपाल के ओवर में एक छक्के और तीन चौकों की मदद से 21 बटोरकर दर्शकों को उत्साहित कर दिया। नारायण ने हालांकि आते ही कुलशेखरा के तेवरों को ठंडा करके स्टेडियम को फिर से सन्न कर दिया। इसके बाद वेस्टइंडीज की जीत महज औपचारिकता रह गई थी।

वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर खड़ा कर पाएगा इसकी संभावना पहले छह ओवर में ही समाप्त हो गई थी। पावरप्ले के इन ओवरों में केवल 14 रन बने और इस बीच श्रीलंका ने गेल जैसे धाकड़ बल्लेबाज को भी पवेलियन भेजा। जानसन चाल्र्स तो मैथ्यूज के पहले ओवर में ही आउट हो गए थे। वेस्टइंडीज के खाते में पहला रन अपने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच में अंपायरिंग कर रहे साइमन टफेल ने दूसरे ओवर में वाइड से जोड़ा।

गेल संभलकर खेल रहे थे लेकिन उन्होंने किसी भी समय बड़ा शॉट खेलने का प्रयास नहीं किया। अजंता मेंडिस ने अपने पहले ओवर की तीसरी गेंद पर उनके खिलाफ एलबीडब्ल्यू की जोरदार अपील की। अंपायर ने इसे ठुकरा दिया लेकिन पांचवीं गेंद विकेट के आगे उनके पैड से टकरायी और टफेल की उंगली उठ गई। पावरप्ले में केवल 14 रन बने और ट्वंटी विश्व कप में किसी भी टीम का पहले छह ओवरों में न्यूनतम स्कोर है। दस ओवर बाद स्कोर दो विकेट 32 रन था और तब तक केवल एक चौका लगा था। सैमुअल्स ने चौथे ओवर में गेंद को सीमा रेखा दिखाई थी।
पारी का पहला छक्का 12वें ओवर में अकिला धनंजय की गेंद पर ब्रावो ने लगाया। सैमुअल्स ने उनसे प्रेरणा लेकर लसिथ मालिंगा के अगले ओवर में तीन छक्के लगाए। इनमें पहले छक्के से टीम का स्कोर 50 रन के पार पहुंचा। इस ओवर में 21 रन बने। उन्होंने जीवन मेंडिस की लगातार गेंदों पर भी छक्का और चौका लगाया।

अजंता मेंडिस ने हालांकि कैरेबियाई खेमे में थोड़ी भी खुशी नहीं लौटने दी। उन्होंने ब्रावो (19 गेंद पर 19 रन) को एलबीडब्ल्यू किया और फिर अपने अगले ओवर में सेमीफाइनल में तूफानी पारी खेलने वाले कीरेन पोलार्ड और आंद्रे रसेल को लगातार गेंद पर पवेलियन भेजा।

श्रीलंका के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज मालिंगा फिर से सैमुअल्स के निशाने पर था। उन्होंने इस गेंदबाज की तीन गेंदों पर दो छक्कों की मदद से 16 रन बटोरे लेकिन धनंजय के अगले ओवर में वह मिडविकेट पर कैच दे बैठे। इसके बाद सैमी ने आखिरी ओवर में 15 रन लेकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

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