नई दिल्ली: वामपंथी छात्र संगठन AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) की अगुवाई में दिल्ली के संसद मार्ग पर छात्रों, महिलाओं, दलितों का हाथरस मामले पर क्रोध देखने को मिला. दलित संगठन भीम आर्मी ने भी प्रदर्शन में अपना हिस्सा दिया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग की.
सीएम योगी का पुतला जलाया
इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला जलाया और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) एक्ट के तहत जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की. प्रदर्शन करने पहुंचे छात्रों और महिला संगठनों के हाथों में तख्तियां थी जिनपर पीड़िता को इंसाफ दिलाने और बलात्कार को पूरी तरह रोके जाने की मांग की.
योगी सरकार को घेरा
हाथरस में हुई घटना के बाद विपक्ष ने लगातार सरकार पर हमलावर रुख अख्तियार कर रखा है. इस ही क्रम में प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगते हुए कहा कि दोषियों को जाति के आधार पर बचाने की कोशिश की जा रही है. जेएनयू की पूर्व अध्यक्ष सुचेता डे कहती हैं कि प्रशासन द्वारा बलात्कारी दोषियों को ठाकुर जाति होने के कारण छुपाया जा रहा है. ऐसा सिर्फ उत्तर प्रदेश में नहीं बल्कि पूरे देश में हो रहा है. ये बीजेपी की ब्राह्मणवाद सरकार है जहां दलितों और महिलाओं के विरूद्ध आए दिन हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं.
इन लोगों ने भी किया था प्रदर्शन
गौरतलब है कि तीन दिन पहले दिल्ली के जंतर मंतर पर भी हाथरस कांड के विरोध में प्रदर्शन हुआ था, जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज, जिग्नेश मेवाणी और बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर भी जंतर-मंतर पहुंचे थे.
याचिका पर होगी सुनवाई
बता दें कि हाथरस केस के ट्रायल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी जिसमें इस केस के ट्रायल को उत्तर प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की गई है. याचिका में ये भी कहा गया है कि हाथरस मामले की जांच या तो सीबीआई से या फिर एसआईटी के जरिए की जाए. इस मामले की जांच और सुनवाई पर कोर्ट का क्या फैसला होता है यह जानने के लिए थोड़ा इंतजार बाकी है.

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