उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों को जीतने के लिए भाजपा ने बड़ी तैयारी कर रही है। प्रदेश में भाजपा बूथ लेवल तक मैनेजमेंट करने की तैयारी में है और इसके लिए पार्टी ने 1.63 करोड़ बूथों पर पन्ना प्रमुखों की नियुक्ति का फैसला लिया है। संगठन के तौर पर बेहद मजबूत भाजपा ने चुनावों में हर बूथ तक पहुंचने का फैसला लिया है। ऐसे में भाजपा ने पन्ना प्रमुखों की नियुक्ति का फैसला लिया है। इन लोगों को हर बूथ पर मतदाताओं से संपर्क साधने की जिम्मेदारी दी जाएगी। चुनाव में वोटर्स को बाहर निकालने और उन्हें बूथ तक ले जाने काम इन्हें सौंपा जाएगा। इन लोगों को फिलहाल ट्रेनिंग दी जा रही है, जो इस महीने के आखिर तक पूरी हो जाएगी।
पूरे प्रदेश में होंगे पन्ना प्रमुख सम्मेलन
भाजपा नेतृत्व ने अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में पन्ना प्रमुखों का तीन दिवसीय सम्मलेन बुलाने का फैसला लिया है। ये सम्मेलन पूरे प्रदेश में आयोजित किए जाएंगे। पन्ना प्रमुख की रणनीति को भाजपा हमेशा से कारगर मानती रही है। यहां तक कि गुजरात की नारायणपुरा विधानसभा सीट पर एक दौर में पन्ना प्रमुख के रोल में रह चुके हैं। पन्ना प्रमुखों को एक तरह से 30 घरों की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। एक बूथ पर पार्टी 10 से 15 पन्ना प्रमुखों को तैनात करती रही है। यूपी के विधानसभा चुनाव में पार्टी एक बार फिर से अपनी इस आजमाई हुई रणनीति पर फोकस करने की तैयारी में है।
60 मतदाताओं के बीच होगा एक पन्ना प्रमुख
पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बार भाजपा चुनाव में माइक्रो लेवल पर मैनेजमेंट करने की तैयारी में है। इसके तहत हर लिस्ट में शामिल एक शख्स को पन्ना प्रमुख की जिम्मेदारी दी जाएगी। पार्टी के एक सीनियर लीडर ने कहा, ‘हम इसने चुनाव में फैसला लिया है कि हमारा पन्ना प्रमुख वोटर्स की लिस्ट में ही एक वोटर होगा। 60 मतदाताओं के बीच एक पन्ना प्रमुख तय किया जाएगा, जो उसने बात करेगा, पार्टी को वोट देने के लिए प्रेरित करेगा और उन्हें बूथ तक वोट के लिए ले जाएगा।’ मतदाताओं के बीच अपनी बैठ बनाने के लिए पार्टी ने इस रणनीति पर फोकस किया है। इसके तहत वोटर्स के बीच के ही किसी शख्स को पन्ना प्रमुख बनाया जाता है।
शाह ने दिया था कॉन्सेप्ट, नड्डा का भी इस रणनीति पर भरोसा
पन्ना प्रमुख का कॉन्सेप्ट बीजेपी चीफ अमित शाह ने दिया था। इसी को आगे बढ़ाते हुए हाल ही में जेपी नड्डा ने बूथ विजय अभियान की शुरुआत की थी। बता दें कि यूपी में अगले साल चुनाव होने वाले हैं। 2024 के लोकसभा चुनावों के लिहाज से भी भाजपा के लिए इस प्रदेश में अपनी सत्ता को बनाए रखना अहम है। 2017 में पार्टी ने 403 में से 312 सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा ने 39.67 फीसदी वोट हासिल करने बड़ी सफलता पाई थी। वहीं सपा को महज 47 और बसपा को 19 सीटें ही मिली थीं।

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