यूपी में विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीनों का समय रह गया है. चुनाव नजदीक आते ही विभिन्न दलों के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. हाल ही में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने छोटे दलों के साथ गठबंधन करने का ऐलान किया था. बसपा सुप्रीमो मायावती ने अब इसी को लेकर अखिलेश यादव पर तंज कसा है. मायावती ने शुक्रवार को कहा कि सपा की सोच स्वार्थी, संकीर्ण और दलित विरोधी है. इसलिए बड़े दलों ने सपा से किनारा कर लिया है. उन्होंने आगे कहा कि छोटे दलों के साथ चुनाव लड़ना सपा की महालाचारी है.

मायावती ने आज दो ट्वीट कर सपा को घेरा. उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी की घोर स्वार्थी, संकीर्ण व खासकर दलित विरोधी सोच एवं कार्यशैली आदि के कड़वे अनुभवों तथा इसकी भुक्तभोगी होने के कारण देश की अधिकतर बड़ी व प्रमुख पार्टियां चुनाव में इनसे किनारा करना ही ज़्यादा बेहतर समझती हैं, जो सर्वविदित है.” उन्होंने अपने अगले ट्वीट में कहा, “इसीलिए आगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव अब यह पार्टी किसी भी बड़ी पार्टी के साथ नहीं बल्कि छोटी पार्टियों के गठबंधन के सहारे ही लड़ेगी. ऐसा कहना व करना सपा की महालाचारी नहीं है तो और क्या है?”
छोटे दलों के साथ करेंगे गठबंधन- अखिलेश यादव
बता दें कि अपने जन्मदिवस के दिन अखिलेश यादव ने कहा कि सपा छोटे दलों के साथ गठबंधन करेगी. इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर निशाना भी साधा. अखिलेश ने कहा कि बीजेपी असल मुद्दों पर बहस से भागती है. बेरोजगारी, महंगाई के विषयों पर बात नहीं करती.

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