जब से नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया है, तब से पाकिस्तान खिसियाया हुआ है। दुनिया में किसी देश का साथ न मिलने से पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को समझ नहीं आ रहा है कि वो क्या करें। भारत सरकार के निर्णय के विरोध में इमरान खान ने जुम्मे के दिन हर पाकिस्तानी से बारह से साढ़े बारह के बीच खड़े होने को कहा है।

इसी सिलसिले में इमरान खान ने गुरुवार के दिन एक के बाद एक कई ट्वीट किए। उन्होंने ट्विट्टस के जरिए लोगों से भारत सरकार द्वारा उठाये गए कदम के विरोध में खड़े होने की बात कही। इमरान खान ने पाकिस्तानियों से कहा कि वो जरूरी से भी जरूरी काम छोड़कर बारह से साढ़े बारह के बीच में खड़े होकर विरोध दर्ज करवाएं।

पाकिस्तान में मौजूदा समय में हालात बेहद खराब हैं। खस्ताहाल पाकिस्तान में लोगों का ध्यान असल मुद्दों से हटाने के लिए अब पाकिस्तानी नेताओं खुद क सबसे बड़ा तथाकथित कश्मीर ‘हितैषी’ बताने की होड़ लग गई है। शायद इसी वजह से पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख राशिद अहमद ने बारह से साढ़े बारह के बीच मुल्क की सभी ट्रेनों को एक मिनट के लिए रोकने के आदेश दे दिए हैं।

शेख राशिद अहमद ने एक वीडियो जारी कर कहा कि इमरान खान द्वारा दिए गए कॉल के समर्थन में पाकिस्तान की सभी 138 ट्रेनें बारह से साढ़े बारह के बीच एक मिनट के लिए रुकेंगी। इतना ही नहीं इस दौरान अगर ट्रेन रेलवे स्टेशन पर रुकती है, तो स्टेशनों पर जमकर कश्मीर के नाम पर ड्रामा भी होगा।

न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि अब नागालैंड में भी पाकिस्तान प्रोपेगंडा के जरिए गड़बड़ करने की कोशिश में लगा हुआ है। भारत सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया, पाकिस्तान के अधिकारी पीओके में वीडियो बनाने में जुटे हैं जिनमें कुछ लोग सुरक्षा बलों की वर्दी पहनकर आम जनता पर अत्याचार कर रहे हैं। इन वीडियो को सोशल मीडिया में शेयर कर कहा जाता है कि भारतीय सुरक्षा बल कश्मीरियों पर अत्याचार कर रहे हैं’। गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से इन वीडियो को नागालैंड में विद्रोही समूहों को भी भेजा जा रहा है और उन्हें उकसाने की कोशिश की जा रही है।

कश्मीर पर हाय तौबा मचाने वाला पाकिस्तान इस मुद्दे को लेकर कभी चीन की शरण में जाता है तो कभी यूएन की शरण में। इस पर पाकिस्तान ने तीन देशों के समक्ष यह मुद्दा उठाया है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने श्रीलंका, न्यूजीलैंड और अजरबेजान के अपने समकक्षों के साथ बृहस्पतिवार को टेलीफोन पर बातचीत की और उनके साथ कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कुरैशी ने कहा कि कश्मीर में भारत द्वारा उठाए गए कदम क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

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