लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोला. स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक अपनी राजनीतिक जमीन गंवा चुके सपा प्रमुख को आत्मावलोकन की जरूरत है. उन्होंने कहा कि आंतकियों की पैरोकारी करने वाले लोगों के मुंह से अपराध और आतंक पर सवाल खड़ा करना शोभा नहीं देता है.
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र की दुहाई देने वाले लोग जनादेश को स्वीकार करने के बजाय कभी खुलेआम अधिकारियों को सत्ता में आने पर निपट लेने की धमकी देते हैं, तो कभी आंतकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली पुलिस पर अविश्वास की बात करके आंतकियों के हौसले बुलंद करते हैं. उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं देश और प्रदेश की सुरक्षा के विपरीति धारा में बहती रही हैं.
स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि समाजवादी सरकार में सत्ता के कई केन्द्र हुआ करते थे. उस दौर में मुख्यमंत्री के साथ ही नेता जी, चाचा जी, ताऊ जी और उनके मुंह बोले चाचा सत्ता का संचालन किया करते थे. आज सपा प्रमुख अपने कार्यकाल को याद करके भाजपा पर व्यर्थ आरोप लगा रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की भाजपा सरकार ने सुदृढ़ कानून व्यवस्था से भयमुक्त उत्तर प्रदेश की परिकल्पना को साकार रूप दिया है. भ्रष्टाचार पर सशक्त प्रहार हुआ, कोविड महामारी पर नियत्रंण, प्रदेश में फैला सड़कों का जाल व सुचारू विद्युत आपूर्ति जैसे निर्णयों व योजनाओं ने विश्व के सामने योगी को सशक्त मुख्यमंत्री के रूप प्रस्तुत किया है.
इसके साथ ही बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देवसिंह ने कहा कि सपा प्रमुख की हताशा और निराशा का कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के नेतृत्व में भाजपा सरकार की जनता में लगातार बढ़ रही लोकप्रियता है. सपा मुखिया को दंबगई, गुण्डागर्दी के बल पर राजनीति करने की अपनी पुरानी परिपाटी अब बदलना होगा. पंचायत चुनाव में गुण्डागर्दी के दम पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का मंसूबा पाले लोगों को अब समझ में आ जाना चाहिए कि प्रदेश की में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की भाजपा सरकार है, जिसमें कानून से बढ़कर कोई नहीं है.

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