एजेंसियां
नई दिल्ली। स्वच्छ भारत अभियान में एक बार फिर इंदौर ने बाजी मारी है। सूरत की सूरत और निखरी। मुम्बई भी स्वच्छता अभियान को जम गई है। लेकिन प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री के शहरों का कहीं कोई अता पता नहीं है। देश के सर्वश्रेष्ठ सीएम की इस मामले में भी अफसरों ने फजीहत करा दी हैं। लखनऊ का कही अता पता नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिए स्वच्छता सर्वेक्षण के पांचवें संस्करण ‘स्वच्छ सर्वेक्षण- 2020’ के परिणामों की घोषणा की। लगातार चौथी बार इंदौर को देश के सबसे साफ शहर का खिताब मिला। इस दौरान साफ-सफाई को लेकर बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरों को पुरस्कृत भी किया गया। वहीं दूसरे स्थान पर गुजरात का सूरत और तीसरे पर महाराष्ट्र का नवी मुंबई है। इससे पहले इंदौर 2017, 2018, 2019 में शीर्ष स्थान पर रहा। पहले संस्करण में सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार कर्नाटक के मैसूर ने हासिल किया था। इससे पहले मंत्रालय के प्रवक्ता राजीव जैन बताया था कि 4,242 शहरों से 1.87 करोड़ लोगों ने इस सर्वे में भाग लिया। इसमें 62 छावनी बोर्ड व गंगा के आसपास बसे 92 कस्बे शमिल हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ महोत्सव का आयोजन कर अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों और शहरों को कुल 129 पुरस्कार दिए जाएंगे।
5.5 लाख से ज्यादा सफाई कर्मचारी सामाजिक कल्याण कार्यक्रम से जोड़े गए और कचरा बीनने के काम में लगे 84,000 से ज्यादा लोगों को मुख्यधारा में लाया गया। स्वच्छ सर्वेक्षण की शुरुआत सरकार द्वारा इस मिशन को लेकर लोगों में रुचि और प्रतिस्पर्धा पैदा करने के लिए शुरू की गई थी। इससे सबसे स्वच्छ शहर बनने की दिशा में शहरों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा हुई। मंत्रालय ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन शहरीय (एसबीएम-यू ) में साथ रहे आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के भागीदार संगठनों यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएआइडी), बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (बीएमजीएफ) और गूगल को भी साथ लाया जाएगा और उनका सम्मान किया जाएगा।

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