बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से कराने की अनुमति दे दी है। सीबीआई को जांच की अनुमति मिलने के बाद अब उसने इस केस की फाइल संभाल ली है। सीबीआई के हाथ में जांच आने के बाद एक बार फिर से महाराष्ट्र और बिहार में सियासत तेज हो गई है। एक तरफ जहां एनडीए पूरी तरह से इसका फायदा बिहार चुनाव में लेना चाहती है, तो वहीं शिवसेना भी पीछे नहीं हट रही है। महाराष्ट्र सरकार में गृहमंत्री अनिल देशमुख ने इस केस की कमान संभाल रखी है। वह भी मीडिया में बार-बार महाराष्ट्र पुलिस की तरफ से की गई गतिविधियों की जानकारी दे रहे हैं। फिलहाल अब यह केस सीबीआई के हाथों में आ गया है।

जांच की अनुमति मिलने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो की एक टीम गुरुवार को मुंबई पहुंच गई। सुशांत सिंह के केस की जांच करने पहुंची सीबीआई की टीम ने अहम दस्तावेजों को इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। वहीं, मामले की जांच से जुड़े मुंबई पुलिस के अधिकारियों से भी मुलाकात भी करना शुरू कर दिया है। यही नहीं, अब सीबीआई की टीम उसी फ्लैट में एक सीन को भी रीक्रियेट करेगी।

क्वारंटाइन नहीं होगी सीबीआई की टीम
इस मामले की जांच सीबीआई को मिलने के बाद एक बार फिर से क्वारंटाइन का मामला महाराष्ट्र में उठ गया। बता दें, इस मामले की जांच करने बिहार से महाराष्ट्र पहुंचें आईपीएस अफसर विनय तिवारी को नियमों के मुताबिक 14 दिनों तक क्वारंटाइन रहना पड़ा था, जिसको लेकर काफी हंगामा भी हुआ था। अब सीबीआई के मामले में बीएमसी ने कहा है कि सुशांत मामले की जांच के लिए मुंबई पहुंची सीबीआइ टीम को क्वारंटाइन नहीं किया जाएगा। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने जांच अधिकारियों को क्वारंटाइन के नियमों के हिसाब से पूरी तरह से छूट दी जाएगी। उन्होंने कहा कि टीम को छूट दिए जाने का अनुरोध किया था। इसलिए उन्हें इससे छूट दी जा रही है। इस मामले पर महाराष्ट्र के मंत्री विजय वाडेट्टिवार ने कहा है कि सीबीआइ के अधिकारी मुंबई में ठहरेंगे और कई लोगों से मिलेंगे। इसलिए एहतियाती उपाय उठाते हुए उनकी कोविड-19 जांच की जानी चाहिए। हालांकि अभी तक ऐसा नहीं किया गया है।

राज्य गृहमंत्री ने की अधिकारियों के साथ में बैठक
इस मामले को बहुत ही गंभीरता से देख रहे राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने गुरुवार को इस मामले पर एक बार फिर से अधिकारियों के साथ में बैठक की। बैठक में मुंबई के पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने सुशांत मामले को लेकर चर्चा की। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बुधवार को कहा था कि महाराष्ट्र सरकार इस मामले में सीबीआइ को हर तरह की मदद उपलब्ध कराएगी। वैसे, अब जांच टीम पूरी तरह से दस्तावेज जुटाने में लगी हुई है। इस मामले की जांच का आदेश मिलने के बाद सीबीआई 19 अगस्त से ही सक्रिय भूमिका में आ गई है। बता दें,
सुप्रीम कोर्ट ने 19 अगस्त को पटना में दर्ज एफआइआर को सही ठहराते हुए केंद्रीय एजेंसी को जांच के लिए कहा था। यह आदेश न्यायमूर्ति ऋषिकेश राय की टीम ने फैसला सुनाते हुए यह भी कहा था कि बिहार सरकार सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश करने में सक्षम है। सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई पुलिस को आदेशित किया है कि इस केस से अब तक एकत्रित सभी सुबूत भी सीबीआई को दिया जाए। वहीं, दूसरी तरफ से सीबीआई ने आरोपितों के खिलाफ ट्रायल चलाने के लिए प्राथमिकी की छायाप्रति डाक से सीबीआई की विशेष अदालत में भेज दी है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, अदालत को यह प्रति प्राप्त भी हो गई है।

रूमी जाफरी का ईडी ने दर्ज किया बयान
वहीं, दूसरी तरफ इस मामले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने गुरुवार को अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया। गुरुवार को सुशांत सिंह राजपूत से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में फिल्म निर्माता रूमी जाफरी का बयान दर्ज किया। बता दें, उनका बयान सुशांत के साथ फिल्म निर्देशित करने की उनकी कथित योजनाओं और आगामी परियोजना से जुड़े वित्तीय मामलों के संबंध में दर्ज किया गया था। वहीं, इससे पहले रूमी जाफरी से मुंबई पुलिस ने भी पूछताछ की थी। अब जांच ईडी पहुंचने के बाद टीम ने जांच की है। ईडी ने इस मामले में अब तक रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शोविक, पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती समेत कई अन्य कई लोगों के भी बयान दर्ज किए हैं।

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