न्यूज नेटवर्क प्रतिनिधि
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सुप्रीम कोर्ट के सख्त रवैये के आगे सुब्रत राय की एक न चली। सपा सरकार के चहेते रहे सहारा श्री को चाहकर भी सपा सरकार साथ नहीं दे पा रही है। निवेशकों को रुपए न लौटाने के गम्भीर आरोप के चलते सहारा मुखिया कई महीनों से विवादों के घेरे में थे। अभी अभी खबर मिली है कि सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय ने उत्तर प्रदेश पुलिस के समक्ष लखनऊ में सरेंडर कर दिया है। रॉय के वकील राम जेठमलानी ने सुप्रीम कोर्ट में सरेंडर की सूचना दी है। सुप्रीम कोर्ट ने गैर जमानती वॉरंट पर सहारा प्रमुख की अर्जी पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। ऐसे में रॉय के पास सरेंडर के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। जेठमलानी ने बताया कि शुक्रवार सुबह ही रॉय ने यूपी पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया था। सरेंडर के बाद सुब्रत रॉय को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सहारा प्रमुख पर निवेशकों के करोड़ों रुपए नहीं लौटाने के आरोप हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में पेश नहीं होने के बाद सहारा चीफ सुब्रत राय ने सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि मैं कहीं भाग नहीं रहा हूं। रॉय ने कहा कि वह गुरुवार को डॉक्टरों से मिलने गए थे। साथ ही उन्होंने मीडिया पर आरोप लगया कि उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। रॉय ने कहा कि वह बिना शर्त सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को मानेंगे और पुलिस को पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने 3 मार्च तक पेशी से छूट की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट सहारा प्रमुख सुब्रत राय की उस अर्जी पर सुनवाई कर सकता है, जिसमें उन्होंने गैर.जमानती वॉरंट को वापस लेने की मांग की है। इस आवेदन में सहारा प्रमुख ने कोर्ट में पेश न होने पर गलती मानते हुए बिना शर्त माफी मांगी है। अर्जी में कहा गया है कि उनकी मां बहुत बीमार हैं और वह ऐसे वक्त में उनके साथ रहना चाहते हैं। कोर्ट से मां के साथ रहने की अनुमति मांगते हुए यह भी कहा है कि गैर जमानती वॉरंट से उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।

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