लखनऊ। चीन के वुहान शहर से निकले कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को हिला दिया है। विकसित से लेकर विकासशील देशों ने इस वायरस के आगे घुटने भी टेक दिए। इस वायरस से अमेरिका और यूरोप के देश पूरी तरह से तबाह हो गए है। हमेशा एक दूसरे देश के लिए साथ खड़े रहने वाले यूरोप के देश अब अपने को संभालने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका भी इस समय कुछ ऐसे ही दौर से गुजर रहा है। दुनिया भले ही इस बीमारी से हिल गई है, लेकिन भारत के उत्तर प्रदेश में यह बीमारी कुशल नेतृत्व की वजह से हांफती हुई नजर आई। हालांकि, अब यूपी में भी संभलने का समय आ गया हैं। यहां पर लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए सरकार के साथ ही साथ जनता की भी जिम्मेदारी है कि वह इस बीमारी से बचने के लिए संभलकर ही इस समय चले। वैसे, देश में सुविधायुक्त मुम्बई, अहमदाबाद, दिल्ली और चेन्नई जैसे महानगर इस बीमारी के संक्रमण को रोकने में कामयाब नहीं रहे हैं, लेकिन जनसंख्या के मामले में भारत में पहला मुकाम रखने वाला राज्य उत्तर प्रदेश इस बीमारी को अब तक काफी हद तक रोकने में कामयाब रहा है। कुशल प्रबंधन की वजह से यह बीमारी उत्तर प्रदेश में अन्य राज्यों की तुलना में कम फैली। उत्तर प्रदेश में इस तरह की स्थिति होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यूपी के सीएम की तारीफ कर चुके हैं। हमें और आपको आगे भी ऐसी ही स्थिति को बनाए रखना है और अब उत्तर प्रदेश की जनता को भी इस बीमारी को दूर भगाने के लिए एहतियात बरतने की जरूरत है। भीड़-भाड़ के इलाकों में जाने से बचे, जहां तक हो सकें घर में ही रहें। इसके अलावा, घर से निकलते समय मास्क भी अनिवार्य रूप से पहने रहे।
बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जून को उत्तरप्रदेश में आत्मनिर्भर यूपी रोजगार अभियान की शुरुआत करते हुए प्रदेश के सीएम की तारीफ की। प्रदेशवासियों को संबोधित करते प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूरि भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इतनी अधिक जनसंख्या होने के बावजूद कोरोना जैसे भीषण संकट की वीभत्सता और भयावहता से उत्तरप्रदेश को बचाने के लिए योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और उनकी पूरी टीम की जितनी तारीफ की जाए वो कम है। योगी आदित्यनाथ का यशस्वी नेतृत्व पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि यह बीमारी कब जाएगी इसके बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है, लेकिन वर्तमान के हालातों को यूपी के सीएम ने बहुत ही अच्छी तरह से संभाल रखा है। हमें प्रधानमंत्री के विश्वास पर पूरी तरह से खरा उतरना है। यह उत्तर प्रदेश की जनता के बिना संभव ही नहीं है।
पीएम मोदी ने कहा कि जब कोरोना वायरस ने देश में कदम रखा था तब सभी को लग रहा था कि भारत में ये संक्रमण सबसे अधिक तबाही मचाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उत्तरप्रदेश की देश में सबसे अधिक जनसंख्या है इसके बावजूद यहां संक्रमण नियंत्रित है। पीएम मोदी ने कहा कि इससे कम आबादी वाले देश तक खुद को कोरोना के भीषण उत्पात और तबाही से नहीं बचा पाए और यूपी कोरोना संकट की वीभत्सता से बच गया। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पूरी टीम का अभिनंदन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भले ही पूरी दुनिया में कोरोना के संकट को झेल रही है, लेकिन यूपी ने साहस दिखाया है, उसकी तारीफ हो रही है। योगी सरकार ने कोरोना वायरस से जिस तरह से निपटने में कामयाब रही है, उसको आने वाली पीढ़ियां याद करेंगी। पीएम मोदी ने कहा कि पूरे देश की निगाहें यूपी पर ही थी क्योंकि यहां पर जनसंख्या बहुत ही अधिक है और प्रवासी मजदूर भी सबसे ज्यादा इसी राज्य में आए हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के आगे अमेरिका, इटली, स्पेन, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे विकसित देशों ने मृतकों की संख्या में रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। वहीं, यूरोप के चार बड़े देशों की बराबर वाली जनसंख्या वाले उत्तर प्रदेश में अब तक सिर्फ 946 लोगों की ही मौत हुई है। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री योगी की प्रतिबद्घता को दर्शाता है। इस दौरान योगी जी के पिता का स्वर्गवास भी हो गया लेकिन कोरोना जैसी संकट की घड़ी में प्रदेश की जनता की सेवा करने वाले वह अंतिम संस्कार में नहीं गए। उन्होंने कहा कि सीएम योगी ने जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्घता दिखाते हुए सेवा में लगे रहे। मैं उनके साहस और कोरोना से निपटने की कोशिशों की सराहना करता हूं।
यूपी की जनसंख्या इन चार देशों से अधिक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यूरोप के इंग्लैंड, फ्रांस, इटली और स्पेन चारों देशों की कुल जनसंख्या को जोड़ दें तो इनकी जनसंख्या 24 करोड़ है। इन चार देशों के बराबर ही यूपी में जनसंख्या है। उन्होंने कहा कि यूरोप के इन चार देशों में मिलाकर एक लाख 30 हजार लोगों की मौत हो गई है, लेकिन यूपी में अभी तक सिर्फ 600 लोगों की जान गई है। उत्तरप्रदेश की इस सफलता के पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शिता और शानदार नेतृत्व कौशल का हाथ है। कोरोना वायरस को रोकने के लिए समय रहते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आवश्यक कदम उठाए हैं।
प्रवासियों का इस तरह यूपी ने रखा ख्याल
यूपी में प्रवासियों का ख्याल रखने के लिए गांव-गांव टीम तैयार की गई है। गांवों में टीमों के माध्यम से प्रवासियों की सेहत का ख्याल रखा जा रहा है। इसके अलावा अब कोरोना को एकदम से भगाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष कैंपन भी शुरू किया है। अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं ने 18 लाख 85 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिकों एवं कामगारों के गांव एवं घर जाकर उनका हाल चाल लिया है। उन्हें की सेहत से लेकर अन्य चीजों का ख्याल रखा गया है। उन्होंने कहा कि यूपी में आरोग्य सेतु ऐप लगातार बेहतर कार्य कर रहा है। जिन लोगों को अलर्ट आये है, स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष से ऐसे लोगों को फोन करके हाल चाल लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक अलर्ट वाले 93, 514 लोगों को नियंत्रण कक्ष से फोन कर उनका हाल चाल लिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यूपी में मेरठ मंडल के लिए खास योजना तैयार की जा रही है। यहां पर कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में यहां पर पांच जुलाई से 10 जुलाई के बीच कोविड-19 का सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा। गांवों और शहरों के एक-एक घर टीमें जाएंगी और लोगों का सर्वे करके उनका हालचाल जानेंगी। उन्होंने कहा कि व्यापक सर्वेक्षण कराएंगे यह पता लगाया जाएगा कि कहीं किसी में संक्रमण का कोई लक्षण तो नहीं है।
यूपी में कोरोना के कुल 36,476 मरीज
उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी होती जा रही है। बीते 24 घंटों के दौरान राज्य में कोरोना संक्रमण के 1685 नए मामले सामने आए हैं जबकि 29 और मरीजों की मौत के साथ मृतकों की संख्या एक हजार का आंकडा पार कर गई। राज्य में अभी 14,628 संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। वहीं, ठीक होकर अब तक 25,743 लोग अस्पतालों से अपने घर जा चुके हैं। इस बीच यूपी में एक दिन में 45 हजार लोगों की जांच की गई जो अब तक सबसे ज्यादा है। यूपी में अगर बात लखनऊ की जाए तो यहां पर पिछले 24 घंटे के भीतर ही 300 से अधिक मामले दर्ज किए गए। यूपी में एक जिले में एक दिन के भीतर इतना ज्यादा मामला आने का अपने आप में यह रिकॉर्ड है। वैसे, इस समय कोरोना की जांच में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। राज्य में मंगलवार को कुल 45,302 नमूनों की कुल जांच की गई। इस प्रकार प्रदेश में अब तक 12,77,241 नमूनों की जांच हो चुकी है। अगर बात जांच की जाए, तो इस समय देश में तीसरे नंबर पर अपना राज्य है, जहां पर सर्वाधिक जांचें की जा रही है। छह लाख लोगों की जांच करने में पहले चार महीने लगे थे (24 जून तक)। उसके बाद के छह लाख से अधिक जांच केवल पिछले 20 दिनों में की गई है।

 

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