सऊदी अरब – दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर हौती विद्रोहियों के हमले के बाद दुनिया भर में तेल की कीमतों का असर देखने को मिला है। तेल बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 10 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई हैं। सऊदी अरब और अमेरिका ने इस हमले के लिए तेहरान समर्थित हौती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया और ईरान को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है।

इस घटना पर टिप्पणी करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने एक के बाद एक किए कई ट्वीट्स में कहा, ‘सऊदी अरब में हमले के बाद पेट्रोल की कीमतों पर असर पड़ सकता है। मैंने जरूरत पड़ने पर तेल की पर्याप्त सप्लाई के वास्ते एसपीआर से रिजर्व पेट्रोल इस्तेमाल करने को अधिकृत किया है। मैंने टेक्सास और अन्य राज्यों में अनुमति प्रक्रिया में वर्तमान में तेल पाइपलाइनों की मंजूरी के मामले में तेजी लाने के लिए सभी उपयुक्त एजेंसियों को सूचित कर दिया है।’ पिछले शनिवार को सऊदी अरब की दो पेट्रोलियम कंपनी पर ड्रोन से हमला किया गया जिससे पेट्रोल के उत्पादन में भारी असर पड़ा है।

हालांकि ईरान ने ऐसे किसी भी आरोप से इनकार किया है। सऊदी अरब के इस प्लांट पर हमले के बाद यहां का उत्पादन आधा हो गया है। हांगकांग के तेल बाजार से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 11.77 प्रतिशत बढ़कर 67.31 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई है।

दरअसल यह घटना सऊदी अरब के सबसे बड़े तेल क्षेत्रों में से एक हिजरा खुरैस पर 10 मानवरहित विमानों से ड्रोन हमले के साथ हुआ था। हिजरा खुरैस में रोजाना 15 लाख बैरल तेल का उत्पादन होता है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर ड्रोन हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहरा चुके हैं लेकिन ईरान ने अमेरिका के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। पोम्पियो ने ट्वीट कर आरोप लगाए कि सऊदी अरब पर करीब 100 हमलों के पीछे ईरान का हाथ है।

रिपोर्ट –  न्यूज नेटवर्क 24

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