राहुल गांधी की अमेठी का सालों से नेहरू खानदान से रिश्ता रहा है। लेकिन वह अभी भी विकास की राह देखती है। चुनाव नजदीक आते ही उत्तर प्रदेश सरकार उस पर मेहरबान हो जाती है तो केन्द्र के मंत्रियों के दौरे बढ़ते जाते हैं। कुमार विश् वास को इस पर लार टपकती है तो कभी किसी और नेता की। चुनाव का मौसम हैं और अमेठी के बादलों में कभी वायदों की बिजली कडक़ड़ाती है तो कभी आश्वासनों की बारिश होने लगती है।RG_Trains_Salon_Amethi1
भले ही बड़े नेता अपनी सभाओं में अपने क्षेत्र का विकास अमेठी की तरह करने का दावा करते हों और कांग्रेसी नेता अमेठी के विकास को अपना रोल माडल मानते हों लेकिन हकीकत में अगर अमेठी के विकास को देखा जाए तो अरबों खर्च होने के बाद भी अमेठी के हाथ कुछ खास नहीं आया है। सियासी परिदृश्य पर भले ही अमेठी सबसे चमकता स्थान हो। लेकिन गरीबी के लिहाज से अमेठी प्रदेश के दस सबसे गरीब जिलों में से एक है। प्रदेश का प्रति व्यक्ति आय के हिसाब से सबसे अमीर जिला गौतम बुद्धनगर हैए यहां प्रति व्यक्ति आय 91646 रुपये है। दूसरे स्थान पर बागपत व तीसरे स्थान पर लखनऊ है। वहीं दस सबसे गरीब जिलों में नीचे से पांचवे पायदान पर है। हाइप्रोफाइल अमेठी से नीचे संत कबीर नगरख् बहराइच, बस्ती व बलरामपुर ही हैं। कहने को तो पिछले नौ साल में राहुल ने अमेठी को 25 सौ अरब से अधिक की सौगात दी है। इस सबके बाद भी जिले की प्रति व्यक्ति आय में कोई खास बदलाव नहीं आया। हिंदुस्तान पेट्रोलियम से लेकर राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय तक अमेठी के हिस्से में बहुत कुछ आ चुका है। राहुल गांधी की पहल पर 2004 से अब तक अमेठी में सडक़ों के निर्माण पर केंद्र सरकार 1054,51 करोड़ से अधिक खर्च कर चुकी हैं। यह बात अलग है कि सडक़ निर्माण में लगी एजेंसियों ने कुछ ऐसा खेल खेला कि बनने के साथ ही अमेठी की अधिकांश सडक़ें जर्जर हो गई हैं। जिसके चलते यहां विकास खुद ही पैदल हो चला है।  इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी को विमानन विश्वविद्यालय के रूप में विस्तार देने के साथ ही पिछले नौ सालों में उड़ान अकादमी के विस्तार व विमान खरीदने के लिए सौ करोड़ से अधिक की धनराशि दी गई। इंस्टीटयूट आफ होटल मैनेजमेंट के लिए दस करोड़, गांवों में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत 133ण्28 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वहीं त्वरित विद्युत विकास एवं सुधार कार्यक्रम के तहत 29,85 करोड़ रुपये की राशि खर्च हुई। 322 करोड़ की लागत से सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर जगदीशपुर में साढ़े छह सौ करोड़ की लागत से बनने वाली मेगाफूड पार्क का शिलान्यास किया गया। सलोन में दो नई रेलगाडिय़ों के शुभारंभ के साथ ही 13 अरब 31 करोड़ की लागत से बनने वाले रेल पथ का शुभारंभ हुआ। इतना सब होने के बाद भी जो तस्वीर अमेठी दिखती है। वह कहीं से भी अमेठी की सियासी हैसियत से मेल नहीं खाती।

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