उत्तर प्रदेश के हिस्ट्रीशीटर गैंगस्टर विकास दुबे को पुलिस ने मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस से पूछताछ में दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के खुलासों से पता चल रहा है कि उसके मंसूबे कितने खतरनाक थे। उसने पूछताछ में इस बात को कबूल किया है कि वह हत्या के बाद आठों पुलिस वालों के शव को जला देना चाहता था। इसके लिए उसने पूरी तैयारी कर ली थी लेकिन ऐसा कर न सका। विकास दुबे ने यह भी बताया है कि उसने डीएसपी देवेंद्र मिश्रा की हत्या क्यों की?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उज्जैन पुलिस से पूछताछ में विकास दुबे ने बताया है कि बिकरू में पुलिस वालों की हत्या के बाद वह उनके शव को जला देना चाहता था। पुलिस वालों के शवों को पास के कुएं में रख दिया गया था। अब सिर्फ तेल डालकर आग लगाने का काम बाकी था। हालांकि मौका नहीं मिल पाया और वह फरार हो गया। विकास दुबे ने कहा कि वह ऐसा सबूतों को खत्म करने के लिए करना चाह रहा था।

बिकरू कांड में डीएसपी देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिस वालों की जान गई थी। विकास दुबे ने बताया कि देवेंद्र मिश्रा को मैंने इसलिए मारा क्योंकि उससे मेरी बनती नहीं थी और वे कई बार मुझे धमकी भी दे चुके थे। विकास ने पूछताछ में यह भी बताया कि शहीद देवेंद्र मिश्रा का पैर काया गया था क्योंकि वह मेरे एक पैर में गड़बड़ी को लेकर टिप्पणी कर चुके थे।
बता दें कि 2 जुलाई की रात कानपुर के बिकरू गांव पुलिस की टीम विकास दुबे को पकड़ने के लिए पहुंची थी। इस बात की सूचना उसे पहले ही मिल गई। जानकारी मिलने के बाद उसने जेसीबी से रास्ते को घेर दिया और आठ पुलिस वालों की हत्या कर दी। विकास दुबे ने पूछताछ में बताया कि उसके मुखबिर सिर्फ चौबेपुर थाने में ही नहीं बल्कि आसपास के तमाम थानों में थे। मैंने लॉकडाउन के दौरान सभी पुलिसवालों की काफी मदद की थी।

बिकरू कांड के बाद यूपी पुलिस के साथ ही एसटीएफ विकास दुबे को पकड़ने के लिए लग गई थी। प्रशासन ने विकास दुबे को पकड़ने के लिए पुलिस की कम से कम 60 टीमें बनाई थी। 2 जुलाई की घटना के बाद से ही एक-एक कर के उसके कई साथी एनकाउंटर में मारे गए। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उसके घर और गाड़ियों को तबाह कर दिया। 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद से ही विकास दुबे कानपुर के अपने बिकरू गांव से फरार हो गया। इसके बाद से ही यूपी पुलिस हाई अलर्ट पर थी। यूपी के 75 जिलों की पुलिस को अलर्ट करने के साथ ही प्रदेश के अन्य राज्यों से लगे सीमा और नेपाल सीमा पर विशेष चौकसी थी। पुलिस ने विकास दुबे पर घोषित 50 हजार के इनाम को बढ़ाकर पांच लाख कर दिया था। बावजूद इन सबके वह यूपी से भागने में सफल रहा।

8 जुलाई को पुलिस को जानकारी मिली थी कि वह हरियाणा के फरीदबाबाद में है। इसके बाद एक मकान पर रेड मारी गई। हालांकि इसकी जानकारी उसे पहले ही मिल गई थी और विकास वहां से फरार हो गया। इस रेड में उसके तीन सहयोगियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। वहीं चर्चा थी कि विकास दुबे नोएडा फिल्म सिटी स्थित किसी टीवी स्टूडियो में लाइव सरेंडर करने की फिराक में है। हालांकि वह फरीदाबाद से मध्य प्रदेश पहुंच गया और गुरुवार की सुबह महाकाल मंदिर के पास से उज्जैन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

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