आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपित विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद उसके करीबी ब्रह्ननगर के कारोबारी जयकांत बाजपेई को पुलिस ने रविवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। उस पर विकास को कारतूस सप्लाई करने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही मुठभेड़ में मारे जा चुके बउवन के जीजा डब्बू को भी दबोच लिया गया। दोनों के खिलाफ षड्यंत्र रचने और आर्म्स एक्ट की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है। सोमवार को कोर्ट में पेश करने के बाद इन्हें जेल भेजा जाएगा। पुलिस जय को हिरासत में लेकर कई दिनों से पूछताछ कर रही थी।

बिकरू कांड के बाद पुलिस ने विजय नगर से तीन लावारिस लग्जरी कारें बरामद की थीं। जांच की गई तो पता चला कि कारें जय की हैं। यह भी साफ हुआ कि जय के विकास से करीबी रिश्ते हैं। वह दुबे के फंड मैनेजर की तरह काम कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने जय के असलहा और कारतूस की जांच शुरू की। एसएसपी दिनेश कुमार पी के मुताबिक जय के घर से 20 से ज्यादा कारतूस कम पाए गए। पूछताछ में ठीक जवाब नहीं दे सका। पुलिस औऱ एसटीएफ की संयुक्त टीम की जांच में सामने आया कि जय बाजपेई ने घटना से कुछ दिन पहले विकास को कारतूस सप्लाई किए थे। वह विकास के पैसों को ब्याज पर लगाने के साथ बीसी में भी चलाता था। एसएसपी के मुताबिक जय की रिपोर्ट ईडी को भी सौंपी जाएगी। उसके द्वारा आपराधिक कृत्यों से अर्जित की गई संपत्ति की जांच ईडी करेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।

डब्बू की लोकेशन गांव में थी
इटावा में मुठभेड़ के दौरान मारे गए बउवन के जीजा डब्बू को भी घटना की साजिश का आरोपी पाया गया है। उसके खिलाफ 120 बी के तहत कार्रवाई की गई है। उसकी लोकेशन 2 जुलाई की रात 8:30 बजे बिकरू गांव में थी। उससे महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं।

रणनीति का एक हिस्सा
जय को पहले क्लीन चिट देना और फिर गिरफ्तार करना पुलिस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस ने जय को छोड़ जरूर दिया था लेकिन उसकी गतिविधियों पर नजर गड़ाए थी। फोन कॉल्स और उससे मिलने वालों की निगरानी की जा रही थी। संदिग्ध गतिविधि मिलते ही रविवार देर रात उसे धर-दबोचा।

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