लखनऊ। लॉकडाउन की इस घड़ी में सबसे अधिक मुसीबत गरीब, असहाय व मजदूरों के समक्ष आई है। रोज खाने-कमाने वालों के समक्ष भोजन का संकट उत्पन्न हो गया है। संकट की स्थिति में  विभिन्न सामाजिक संगठन व व्यक्तिगत तौर पर जरुरतमंदों की सेवा को निरंतर आगे आ रहे हैं। लोग अपने परिवार के साथ जरुरतमंदों की मदद को लगे हुए हैं, वहीं कुछ अकेले की इस कारवां पर निकल रहे हैं। समाजसेवी और आम लोग भी सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए जरूरतमंद लोगों को राहत सामग्री, राशन व अन्य खाद्य सामग्री का वितरण कर रहे हैं। संकट से जूझ रहे देश को बचाने के लिए युवा और छात्र भी आगे आ रहे हैं। कुछ छात्र अपनी बचाई हुई पॉकेट मनी से जरुरतमंदो की मदद कर रहे हैं जो एक वाकई दिल को छू लेने वाली पहल है।
जब देश व समाज पर विपत्ति है महामारी कोरोना के कारण लाक डाउन से सभी वर्ग प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में टीवी पर प्रधान मंत्री मोदी जी की अपने आसपास के जरुर मन्दो का ख्याल रखने की अपील ने त्रिवेणी नगर निवासी छात्र पुष्पेंद्र आर्य का मन करुणा से भर दिया। पुष्पेंद्र आर्य त्रिवेणी नगर में रहकर स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं पढ़ाई के लिए मिलने वाले खर्च से कुछ पैसा बचाकर वह पिछले 3 वर्षों से सेविंग कर रहे थे। आज जब देश पर विपत्ति है सम्पूर्ण मानव जाति का अस्तित्व ख़तरे में है वह प्रधानमंत्री की अपील पर तीन बर्षो से की गयी अपनी पूरी बचत को गरीब जरूरतमंदो को भोजन करा कर खर्च कर रहे हैं। पुष्पेंद्र पिछले दस दिनों से लगातार सुबह 5 बजे उठकर अपने कमरे पर ही पूड़ी सब्जी बनाना शुरू करते हैं और दोपहर 12 बजे लगभग साठ सत्तर फूड पैकेट बनाकर केजीएमयू पहुंच जाते हैं व अस्पताल में जरूर मन्द तीमारदारों को फूड पैकेट बांटते हैं। बाल महिला सेवा संगठन की अध्यक्ष ममता त्रिपाठी ने ये जानकारी साझा करते हुए कहा कि पुष्पेंद्र आर्य के इस सेवा भावी मिशन से प्रभावित होकर कालोनी के और भी युवा व छात्र ऐसा ही करने का मन बना रहे हैं।

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