भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या में शामिल बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के शूटर हनुमान पांडे उर्फ राकेश पांडे को एसटीएफ ने रविवार तड़के सरोजनीनगर इलाके में मुठभेड़ में मार गिराया। हनुमान पाण्डेय पर प्रयागराज पुलिस की तरफ से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। राकेश पांडे की मुठभेड़ में मारे जाने की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई से जांच कराने की जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है।

वकील विशाल तिवारी द्वारा दायर जनहित याचिका में मुठभेड़ करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य नष्ट करना), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत से मामले में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच आयोग का गठन करने की मांग की गई है जिसमें सदस्य उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से ही हों।

आपको बता दें कि राकेश पाण्डेय मऊ जिले के कोपागंज थानाक्षेत्र के लिलारी भरौली गांव का रहने वाला था। वह मुन्ना बजरंगी का करीबी शूटर था और उसी के जरिए मुख्तार का विश्वासपात्र बना था। वर्ष 2018 में बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद वह मुख्तार का सबसे बड़ा शूटर बन गया था। प्रयागराज पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद से पुलिस व एसटीएफ को उसकी तलाश में लगाया गया था।

कानपुर रोड पर हुई मुठभेड़ 
शनिवार रात एसटीएफ को सूचना मिली कि हनुमान पाण्डेय साथियों के साथ गुड़म्बा में देखा गया है। वह किसी वारदात के लिये हथियार इकट्ठा कर रहा है। एसटीएफ टीमें गुड़म्बा पहुंचीं तो पता चला कि हनुमान कुछ साथियों के साथ इनोवा से कानपुर रोड की तरफ जा रहा है। सुबह 4:30 बजे एसटीएफ पीछा करते हुए सरोजनीनगर में एयरपोर्ट के आगे पहुंची तो कानपुर रोड पर बदमाशों की गाड़ी दिखी।

पेड़ से गाड़ी टकराने पर की फायरिंग 
टीम ने इनोवा को रोकने का प्रयास किया तो बदमाश गाड़ी भगाने लगे। कुछ दूर आगे इनोवा पेड़ से टकरा गई। जिसके बाद बदमाशों ने एसटीएफ पर फायरिंग कर दी। एसटीएफ ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें हनुमान को कई गोलियां लगी और वह ढेर हो गया। उसके साथी फरार हो गए।

कृष्णानंद राय व ठेकेदार की हत्या में शामिल था 
आईजी ने बताया कि नवम्बर 2005 में गाजीपुर जिले में में तत्कालीन भाजपा विधायक कृष्णानंद राय समेत सात लोगों की सनसनीखेज तरीके से हत्या कर दी गई थी। इसमें एके-47 समेत अन्य असलहों से लैस बदमाशों ने विधायक की गाड़ी को घेरकर करीब 400 राउंड गोलियां चलाई थीं। घटना में मुख्तार अंसारी व मुन्ना बजरंगी का शूटर हनुमान पाण्डेय भी शामिल था। इसके बाद ठेकेदार अजय प्रताप उर्फ मन्ना सिंह की हत्या में भी वह मुख्तार के साथ सह आरोपी था। अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा समय में वह मऊ जनपद में मुख्तार के ठेके/पट्टों का काम देखता था।

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