अब उत्तर प्रदेश में तीन से पांच मिनट में ही कोराना वायरस के बारे में पता चल जाएगा। जल्द ही यहां कोरोना संदिग्ध मरीजों की रैपिड टेस्टिंग किट्स (आरटीके) कोविड-19 जांच की सुविधा शुरू होगी। यूपी में पांच लाख किट मंगाई जाएंगी।

यूपी में अब तक 6000 से ज्यादा नमूनों की जांच हो चुकी है। अभी जांच रिपोर्ट के लिए छह से आठ घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। परिवार कल्याण विभाग के महानिदेशक डॉ. बद्री विशाल ने बताया कि संक्रमण वाले जिलों में किट भेजी जाएंगी। बीते शुक्रवार को केजीएमयू में विभागाध्यक्षों की बैठक में रैपिड किट की सुविधा उपलब्ध कराए जाने पर चर्चा हुई थी। कुलपति डॉ. एमएलबी भट्ट ने कहा कि यह सुविधा कोरोना वार्ड में ड्यूटी करने वाले डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ के लिए वरदान साबित होगी।

मेडिकल स्टोर पर नहीं बिकेगी किट
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने रैपिड टेस्टिंग किट्स कोविड-19 को मंजूरी दे दी है। जिस प्रकार से प्रेग्नेंसी जांचने के लिए किट होती है, उसी प्रकार से यह किट भी होगी। खास बात यह है कि मेडिकल स्टोरों पर उपलब्ध नहीं होगी। जिन अस्पतालों में कोरोना वायरस की जांच हो रही है या जिन्हें सरकार ने अधिकृत किया है। वहीं पर यह किट उपलब्ध होगी।

कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों पर KGMU करेगा वैक्सीन ट्रॉयल
लखनऊ स्थित केजीएमयू में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों पर वैक्सीन का ट्रॉयल होगा। इसके साथ ही लोगों को कोरोना से बचाने के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली वैक्सीन का भी ट्रायल किया जाएगा।  हिमांचल प्रदेश स्थित कसौली के रिसर्च इंस्टीट्यूट से मिलकर केजीएमयू कोरोना वायरस को मात देने वाली वैक्सीन का प्रयोग करेगा। यदि ट्रॉयल सफल हुआ तो यह बड़ी कामयाबी होगी।

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