उत्तर प्रदेश के शामली शहर के पास एक मालगाड़ी के पटरी से उतरने को कवर करने वाले एक पत्रकार की मंगलवार को सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के जवानों ने जमकर पीटा की और उसे बंद कर दिया। टाइम्स नाउ की खबर के अनुसार पत्रकार ने आरोप लगाया है कि जेल परिसर के अंदर जीआरपी अधिकारियों उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया और उसे अपमानित किया गया।

इस मामले मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) (जीआरपी), मुरादाबाद, सुभाष चंद्र दुबे ने जीआरपी इंस्पेक्टर राकेश कुमार और कांस्टेबल संजय पवार को सस्पेंड कर दिया है और मामले को एसपी (जीआरपी), मुरादाबाद को सौंप दिया गया है और 24 घंटे के भीतर इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें शामली जीआरपी इंस्पेक्टर राकेश कुमार को थप्पड़ मारते देखा जा सकता है। पत्रकार ने आरोप लगया है कि हिरासत में उसे नंगा किया गया और उसके मुंह में पेशाब किया गया। पत्रकार ने यह भी आरोप लगाया है कि उसका माइक और कैमरा भी छीन लिया गया। पुलिसकर्मी वे सादे कपड़ों में थे, एक ने मेरे कैमरे पर हमला किया और वह गिर गया।

जब मैंने उसे उठाया तो उन्होंने मुझे मारा और गालियां दीं।” पत्रकार के चिल्लाने और उसे पीटने का वीडियो ट्विटर पर वायरल हो रहा है। मंगलवार रात लगभग 8.50 बजे एक मालगाड़ी के दो वैगन पटरी से उतर गई। इसमें किसी के हताहत की सूचना नहीं दी गई थी और रात 9.30 बजे तक मुख्य लाइन को साफ कर दिया गया था, यह स्पष्ट नहीं है कि जीआरपी कर्मियों ने उसे पटरी से उतरने पर आपत्ति क्यों जताई।

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