नई दिल्लीः साल 2022 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में निचले स्तर पर संगठन को मज़बूत करने का काम तेज़ कर दिया है. हाल में यूपी में उपचुनाव में मिली निराशा के बावजूद प्रियंका गांधी ने ‘बूथ’ स्तर पर संगठन को मज़बूत करने का काम शुरू कर दिया है.
20 दिनों में ही 2300 ब्लाकों का गठन हुआ
दिलचस्प बात ये है कि एक तरह से आज़ादी के बाद से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पहली बार BJP की तर्ज़ पर ‘बूथ’ स्तर पर संगठन को मज़बूत करने का काम कर रही है, और इसके तहत केवल पिछले 20 दिनों में ही 2300 ब्लाकों का गठन किया जा चुका है. सालों में ऐसा पहली बार हो रहा कि कांग्रेस खुद को उत्तर प्रदेश में न्याय पंचायत स्तर पर खुद से खड़ा कर रही. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू खुद पिछले 20 दिनों से लगातार तमाम न्याय पंचाय स्तर की बैठकों में शामिल हो रहे.
कई बुजुर्ग और युवा नेताओं को दोबारा संगठन से जोड़ा जा रहा है
यही नही, मिली जानकारी के मुताबिक कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के निर्देश पर दशकों में पहली बार कांग्रेस उत्तर प्रदेश में सालों से उपेक्षित कई बुजुर्ग और युवा नेताओं को दोबारा संगठन से जोड़ रही. खासकर वरिष्ठ/बुजुर्ग नेताओं को सलाहकारों की भूमिका में संगठन के साथ ज़िला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक जोड़ा जा रहा है.
यूपी में प्रियंका गांधी खोई हुई ज़मीन को हासिल करने की कोशिशों में जुटीं
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अब तक हुए 47 चुनावों में कांग्रेस ने 21 बार सरकार बनाई मगर सन् 1989 से कांग्रेस की ज़मीन वहां सूख सी गई और नारायण दत्त तिवारी के बाद से आब तक कांग्रेस सत्ता पे काबिज नहीं हो सकी. प्रियंका गांधी उसी खोई हुई ज़मीन को वापस हासिल करने की कोशिशों में जुटी हैं, और सूत्रों की मानें तो इस बात की ज्यादा संभावना है कि कभी समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के साथ अलग अलग वक्त पर गठबंधन में चुनाव लड़ चुकी कांग्रेस इस दफा विधानसभा चुनाव अकेले ही लड़े.

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