लखनऊ: कोरोना संक्रमण का राज्य में करीब डेढ़ वर्ष हो गया है. पहली और दूसरी लहर में मिले अनुभव के आधार पर अब हेल्थ सिस्टम में तेजी से बदलाव किए जा रहे हैं. स्थिति यह है कि स्वास्थ्य विभाग के अस्‍पतालों में वेंटिलेटर की संख्‍या में पहले से 15 गुना इजाफा कर दिया गया है. वहीं ऑक्सीजन कॉन्‍सेंट्रेटर की संख्‍या 30 गुना तक बढ़ा दी गई है. अस्‍पतालों में बेडों की संख्‍या में लगातार बढ़ोतरी जारी है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी 75 जिलों के हेल्थ इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर में सुधार पर काम जारी है.
पहले 225 वेंटीलेटर, अब 3,424
स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. वेद व्रत सिंह के मुताबिक प्रदेश में कोरोना संक्रमण से पहले जहां कुल वेंटीलेटरों की संख्या 225 थी. वहीं अब सरकारी अस्पतालों में वेंटीलेटर की संख्या 3,424 हो गई है. वहीं प्रदेश में बेड़ों की संख्या पहले जहां 63,240 थी, वहीं अब 71,970 बेड हो गए हैं.
555 का लक्ष्य, 409 ऑक्सीजन प्लांट शुरू
दूसरी लहर में ऑक्सीजन का देशभर में संकट छा गया. वहीं अब यूपी सरकार ने ऑक्सीजन के मामले में राज्य का आत्मनिर्भर बनाने का फैसला किया है. राज्य में 555 ऑक्सीजन प्लांट बनने हैं. इसमें से 409 ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो गए हैं. इसी तरह ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर की संख्या पहले 587 थी, अब यह बढ़कर 19,394 हो गई है.
सभी जनपदों में बीएसएल- टू लैब
प्रदेश के 11 और जनपदों में बीएसएल-2 आरटीपीसीआर लैब शुरू हो गई हैं. ऐसे में अब तक 45 जनपदों में आरटीपीसीआर प्रयोगशालाएं स्‍थापित की जा चुकीं हैं.वहीं 30 जिलों में भी आरटीपीसीआर लैब बनाने का काम चल रहा है. इन लैब से शुरू होने से कोरोना की जांच समय पर हो सकेंगी.
इन सेवाओं का भी हो रहा विस्तार
प्रदेश के 48 जिलों में सीटी स्कैन मशीन लगी हैं. 16 और जिलों में मशीन और लगाने की कवायद चल रही है. इसके अलावा वर्तमान में 50 जनपदों में डायलिसिस यूनिट का संचालन हो रहा है. यहां मरीजों को मुफ्त में डायलिसिस सेवा दी जा रही है. अब 25 अन्य जनपदों में भी डायलिसिस यूनिट बनाई जा रही हैं. इससे प्रदेश के 75 जनपदों में डायल‍िसिस की निशुल्क सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी.

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