लखनऊ: राजधानी के कृष्णानगर थाना क्षेत्र स्थित बारा-बिरवा चौराहे के पास एक युवती ने हाईवोल्टेज ड्रामा किया. चौराहे पर रेड लाइट होते ही युवती ने ऊबर चालक पर टक्कर मारने का आरोप लगाकर तमाचे जड़ने लगी.बाराबिरवा चौराहे पर युवती द्वारा कार चालक को पीटते देख यातायात संचालन रुक गया और लोग वीडियो बनाने लगे. इस दौरान चौराहे पर दो ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, लेकिन वे युवती को रोकने के बजाय तमाशबीन बने रहे. युवती के इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच किसी ने आने की जहमत नहीं उठाई. इसी बीच एक युवक ने उसे रोकने का प्रयास किया तो युवती ने उसको भी थप्पड़ जड़ने शुरू कर दिए.
बता दें कि पीड़ित सआदत अली वजीरगंज का रहने वाला है और उबर की कार चलाता है. वह एयरपोर्ट एक सवारी छोड़कर वापस आ रहा था. इसी बीच वह रेड लाइट होते ही बाराबिरवा चौराहे पर रुक गया था. इसी बीच ना जाने कहां से एक युवती आ गई और एकाएक उसका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया. इतना ही नहीं उसने गाड़ी से उतार कर उसको बीच सड़क पर थप्पड़ मारना शुरू कर दिया. पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने उसकी एक ना सुनी और उसको थाना पर लाकर बैठा दिया था. इतना ही उसका जब उसका भाई अपने मित्र दाऊद के साथ थाना पहुंचा तो पुलिस ने उनको भी थाना पर बैठा दिया. उसके बाद सुबह धारा 151 शांति भंग में चालानी कार्रवाई कर दी. आरोप है कि उसकी गाड़ी भी थाना में बंद कर दी थी. इतना ही नहीं उसने आरोप लगाया कि गाड़ी छोड़ने के लिए भी दारोगा हीरेन्द्र सिंह ने 10 हजार रुपये की मांग की थी, लेकिन 5 हजार रुपया लेने के बाद ही उसकी गाड़ी छोड़ी गई. पीड़ित का कहना है पुलिस द्वारा हुई इस कार्रवाई से डर कर उसने कोई शिकायती पत्र नहीं दिया है, क्योंकि उसको सड़क पर ही रहकर अपना काम करना है.
इस मामले पर एसीपी कृष्णानगर स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद इसका संज्ञान लिया गया था. इस मामले में वजीरगंज के रहने वाले ऊबर चालक सहादत अली के खिलाफ धारा 151 शांतिभंग में कार्रवाई की गई है. इसके साथ ही सरोजनीनगर की रहने वाली युवती प्रियदर्शनी नारायण के खिलाफ धारा 107 (16) शांतिभंग में कार्रवाई की गई है. अभी तक जानकारी में यह सामने आया है कि युवती दिमागी रूप से बीमार है और उसका अक्सर विवाद होता रहता है. उन्होंने कहा सहादत अली से शिकायती पत्र देने के लिए कहा गया है, लेकिन उसकी तरफ से कोई शिकायती पत्र प्राप्त नहीं हुआ है. अगर कोई शिकायती पत्र मिलता है तो उसके हिसाब से ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा फिलहाल इस मामले पर सीसीटीवी और वीडियो के आधार पर जांच के आदेश दिए गए है, जिसकी जांच भी की जा रही है.

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