guruस्वामी दयानंद सरस्वती बुधवार देर रात ब्रह्मलीन हो गए। वेदांत के ज्ञाता 88 वर्षीय स्वामी दयानंद को उनकी इच्छा पर बुधवार सुबह ही जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल से शीशमझाड़ी स्थित आश्रम लाया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वामी दयानंद सरस्वती के निधन पर शोक जताया है। मोदी ने ट्विटर पर लिखा कि स्वामी दयानंद सरस्वती जी का निधन मेरे लिए निजी क्षति है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। मोदी ने कहा कि स्वाती दयानंद सरस्वती जी ने हजारों लोगों को प्रेरणा दी है। वे ज्ञान और आध्यात्म के भंडार थे। स्वामी दयानंद सरस्वती का कुशलक्षेम जानने के लिए सुबह से ही आश्रम में अनुयायियों और साधु संतों की कतार लगी रही। अस्पताल से साथ आई डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी किए हुए थी। स्वामी दयानंद सरस्वती के ब्रह्मलीन होने की सूचना पर काफी संख्या में उनके अनुयायी और साधु संत आश्रम में पहुंच गए। स्वामी दयानंद सरस्वती का पार्थिव शरीर गुरुवार और शुक्रवार को अंतिम दर्शनों के लिए आश्रम में रखा जाएगा। शनिवार को विधि विधान से पार्थिव शरीर को समाधि दी जाएगी। मुनिकी रेती थानाध्यक्ष अव्वल सिंह रावत ने बताया कि गुरुवार सुबह स्वामी दयानंद के पार्थिव शरीर को हिमालयन हॉस्पिटल, जौलीग्रांट भेजा जाएगा। पार्थिव शरीर को दो दिन सुरक्षित रखने के लिए अस्पताल में लेप लगाया जाएगा। इसके बाद आश्रम में लोग पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन कर सकेंगे।

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