आईपीएस अधिकारी व फरीदाबाद में एनआईटी के डीसीपी विक्रम कपूर ने आत्महत्या कर ली है। मंगलवार देर रात विक्रम कपूर ने अपनी सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोलीमार आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि विक्रम कपूर पिछले कुछ दिनों से काफी परेशान थे, जिसके कारण उन्होंने इस तरह का कदम उठाया। हालांकि अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि आखिरकार वह किस बात से और क्यों परेशान थे।

डीपीसी के आत्महत्या करने के बाद पूरे पुलिस महकमे में खलबली सी मची हुई है। देर रात डीसीपी की मौत के खबर के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। हालांकि कोई भी अधिकारी इस मामले पर बोलना नहीं चाह रहा है।

डीसीपी एनआईटी विक्रम कपूर ने बुधवार सुबह पुलिस लाइन में अपने आवास पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। डीसीपी ने गोली अपनी सर्विस रिवाल्वर से करीब 5.45 बजे मुंह के अंदर मारी है, जो खोपड़ी में ऊपर से निकली। उस समय उनकी पत्नी बाथरूम में थी। आवाज सुनकर बाहर आईं और पति को ड्राइंगरूम में खून से लथपथ पाया।

पति को इस हालत में देखने के बाद उन्होंने बेटे अर्जुन को जगाया। डीसीपी का एक साल बाद रिटायरमेंट था। आवास पर फरेंसिक टीम जांच कर रही है। अभी आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। न ही कोई सुइसाइड नोट मिला है। विक्रम कपूर मूल रूप से अंबाला के रहने वाले थे और हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती हुए थे। प्रमोशन पाकर वह आईपीएस बन चुके थे और पिछले दो साल से फरीदाबाद में तैनात थे।

पिछले साल कानपुर SSP ने की थी आत्महत्या
पुलिस अधिकारियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की आत्महत्या के कई केस पिछले कुछ वर्ष में सामने आए हैं। पिछले साल 5 सितंबर को कानपुर से एसएसपी सुरेंद्र कुमार ने भी घरेलू विवाद के बाद जहर खाकर अपनी जान दे दी थी। पुलिस फिलहाल डीसीपी के आत्महत्या के कारणों की पड़ताल कर रही है।

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