बीजेपी प्रदेश कार्यालय के गेट पर महिला ने खुद को लगाई आग
अरविन्द शर्मा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बीजेपी प्रदेश कार्यालय के गेट पर मंगलवार को एक महिला ने खुद को आग लगाकर आत्मदाह का प्रयास किया. मामले में महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है. इस बीच मामले में लखनऊ पुलिस ने पूर्व राज्यपाल सुखदेव प्रसाद के बेटे आलोक को हिरासत में लिया है. आलोक को कांग्रेस पार्टी से जुड़ा बताया जा रहा है. पुलिस को मामले में साजिश की आशंका है.महाराजगंज पुलिस के इनपुट पर लखनऊ पुलिस ने आलोक को हिरासत में लिया है. सूत्रों के मुताबिक घटनास्थल पर आलोक की लोकेशन मिल रही थी. ये भी कहा जा रहा है कि आलोक महिला के संपर्क में भी था.
हालत नाजुक
बता दें बुधवार को महिला ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली. वहां मौजूद मीडियाकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया. महिला को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया. जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है.
घटना हजरतगंज कोतवाली क्षेत्र की है. जानकारी के मुताबिक पीड़ित महिला अंजना तिवारी यूपी के महाराजगंज के रहने वाली है. जिसकी शादी अखिलेश तिवारी (35) से हुई थी. बताया जा रहा है कि शादी के कुछ दिनों बाद दोनों के बीच तलाक हो गया था. इसक बाद महिला ने धर्म परिवर्तन कर आसिफ नाम के युवक से शादी रचाई थी. शादी के बाद आसिफ रजा सऊदी चला गया था. महिला के मुताबिक आसिफ के परिजन उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे. प्रताड़ना से परेशान होकर महिला ने बीजेपी के गेट नंबर 2 पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर खुद को आग लगा ली.
सीएम योगी से मिलने आई थी लखनऊ
उसका कहना है कि महराजगंज थाने में उसने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. इंसाफ के लिए वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना चाहती थी, लेकिन मुलाकात न होने से निराश होकर महिला ने आत्मदाह का प्रयास किया.
सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है. जहां महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है. सिविल अस्पताल पर डीसीपी, एडीसीपी  इंस्पेक्टर हजरतगंज समेत तमाम पुलिस के अधिकारी मौजूद है. इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘लव जिहाद’ और धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर संज्ञान लिया है।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.