हजारों फूल चाहिए एक माला बनाने के लिए।
हजारों दीपक चाहिएएक आरती सजाने के लिए।।
हजारों बूंद चाहिए समुद्र बनाने के लिए।
पर माँ अकेली ही काफी है बच्चों की जिंदगी को स्वर्ग बनाने के लिए।।
धरती पर उपस्थित साक्षात ईश्वरीय चमत्कार है मां। उसके प्रति व्यक्त सम्मान परिधि से परे है। अगाध, अटूट और अपार…।
मदर्स- डे पर राजाजीपुरम की रहने वाली गार्गी आर्या ने कहा कि बच्चों को बढ़िया संस्कार दें और परिवरिश करें, संस्कार ऐसे दें कि बच्चे अपने देश के लिए समाज के लिए कुछ अच्छा कर पाएं, ये संस्कार एक माँ ही बच्चों को दे सकती है, आप सभी को मात्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें।।
माँ की ममता को कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस साल 10 मई को मदर्स डे मनाया जा रहा है। इस दिन सभी लोग मां के प्रति सम्मान जताते हैं आपकी मां आपके लिए कितनी स्पेशल हैं ये जताने के लिए किसी खास चीज की जरुरत नहीं। छोटी-छोटी चीजों जैसे उनके लिए नाश्ता बनाना, साथ में मूवी देखना भी उनको खुश कर सकता है। कोरोना संकट काल में सभी घर में रहने को मजबूर हैं, ऐसे में आप भी अगर अपनी मां के साथ घर में हैं तो आप कुछ सरप्राइज देकर इस दिन को स्पेशल बना सकते हैं। कोरोना वायरस के कारण पूरे देश में लॉकडाउन लगा हुआ है।
जिस कारण आप अपनी मां को कहीं बाहर डिनर पर नहीं लेकर जा सकते. लेकिन आप घर पर रहकर भी अपनी मां के साथ मदर्स डे मना सकते हैं। लोग इस दिन को पूरी तरह अपनी मां को समर्पित करते हैं। 1912 में मदर्स डे की शुरूआत अमेरिका से हुई। एना जार्विस एक प्रतिष्ठित अमेरिकन एक्टिविस्ट थीं जो अपनी मां से बेहद प्यार करती थीं। उन्होंने कभी शादी नहीं की। उनकी कोई संतानभी नहीं थी। मां की मौत होने के बाद प्यार जताने के लिए उन्होंने इस दिन की शुरुआत की। जिसे बाद में 10 मई को पूरी दुनिया में मनाने की परंपरा शुरू हुई। मां भगवान का बनाया गया सबसे नायाब तोहफा है। हर साल मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है।

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