वैसे मां को शुक्रिया कहने का कोई दिन नहीं होता! नहीं भी कहोगे, तो वो खफा नहीं होगी। वो बिना मतलब, तुम्हें मोहब्बत करती रहेगी। तुम्हारे आंसू पोछेगी। गुस्से में तुम्हारी बातें भी सुन लेगी। तभी मुनव्वर राना लिखते हैं, ‘लबों पे उसके कभी बद्दुआ नहीं होती, बस एक मां है जो मुझसे खाफा नहीं होती।’ भले ही दुनिया ने मां के ‘मर्दस डे’ मुकर्रर किया हो, लेकिन वह सब दिन और सब घंटों की है। उसकी धड़कन का हर पल आपके साथ गुजरता है। हम पुलिसवालों के लिए हर दिन एक जैसा होता है। चाहे कोई त्यौहार हो या कुछ और हमें हमारी ड्यूटी करनी रहती है और कानून व्यवस्था बनाने के साथ ही लोगों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता रहती है। मेरी भी दो बेटियां हैं। वो मदर्स डे को खास बनाने के लिए हर साल कुछ नया करती हैं वो कहती हैं मेरी माँ इस दिन मेरे साथ रहें लेकिन परिवार से पहले देश है इसलिए सब छोड़कर अपनी ड्यूटी पर डटे रहना ही हमारा कर्तव्य है। ये बातें मदर्स डे पर वर्तमान समय में यूपी पुलिस मुख्यालय में तैनात डिप्टी एसपी (सीओ) बबिता सिंह ने कहीं।
पुलिस अधिकारी बबिता सिंह ने कहा कि पूरा देश कोरोना महामारी से संघर्ष कर रहा है। हम सभी पुलिसकर्मी अपना अधिकतम देने का प्रयास कर रहे हैं। चाहे सफाईकर्मी हो चाहे चिकित्साकर्मी हों हम सभी लोग दिन-रात लगे हुए हैं सिर्फ इसलिए क्योंकि ऐसे संघर्ष के समय में जितना हो सके उतना दे पाए। जब मदर्स डे की बात आती है तो मेरी भी तो बेटियां हैं। वह चाहती हैं कि इस दिन मैं उनके साथ रहूं। इस दिन को सेलिब्रेट करूं। लेकिन कई बार ड्यूटी की अधिकता के कारण ऐसा नहीं होता फिर भी वह प्रयास करती हैं कि इस दिन वह मेरे लिए कुछ ना कुछ करके इस दिन को यादगार बनाएं। जब भी करोना की बात आती है तो यदि कोई पेशेंट मिलता है। उसे कैसे डील करना है या इस समय ऐसी कोई घटना हो जाती है उस समय हमें कैसे करना है क्या करना है क्या नहीं करना है इसके संबंध में सभी दिशानिर्देश हमारे विभाग द्वारा दिए गए हैं और एसओपी भी जारी की गई है। हम उस एसओपी का पालन करना होता है। विधिवत हमें किस तरह से किस समय एक्ट करना है यह सब बताया जाता है। हम उसी अनुसार कार्य करते हैं। जब भी बात आती है कि मदर्स डे हो या कोई और डे हो या त्यौहार हो क्या विशेष होता है। हमारे साथ ड्यूटी इतनी ज्यादा प्राथमिकता पर होती है कि हमारे लिए हर दिन एक जैसे होते हैं। हम अपनी मेहनत भी करते रहते हैं। उसी दौरान केसेस भी आते रहते हैं। जिस तरह बन पड़ता है परिवार को जितना समय दे पाते हैं उतना समय दे पाते हैं इस समय कोरोना संकट में सबसे बड़ी चुनौती है। हमें ड्यूटी के साथ यह चिंता भी लगी रहती है कि हमारे साथ साथ कहीं ऐसा ना हो कि हम बाहर ड्यूटी कर रहे हैं हमारे साथ हमारे परिवार को भी समस्या ना हो। इस संबंध में पूरा एहतियात बरतते हैं किस समय हमें प्रोटेक्शन की जरूरत है। घर पर रहे तो साफ सफाई रखें ताकि हमारे परिवार को कोई समस्या ना हो। करोना एक ऐसी बीमारी है इसके बारे में जितना हो सके सावधानी बरतना जरुरी है। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सफाई कर्मचारी, स्वास्थ्यकर्मी जिससे जितना हो सकता है वह करा रहा है। पब्लिक भी सहयोग कर रही है। कुछ लोग सहयोग नहीं कर रहे हैं। सीईओ मैडम ने अपील करते हुए कहा कि आप सब इस बीमारी से लड़ने के लिए सहयोग करें। अगर सहयोग नहीं करेंगे तो सभी की दिन-रात की मेहनत परिणाम अच्छा नहीं मिल पाएगा। आप सभी अपने घर में रहे। जो सरकार ने दिशा निर्देश दिए हैं उनका पालन करें। आप सहयोग करते रहेंगे तो करो ना से जंग जीत पाएंगे।

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