नई दिल्ली. भारत ने मंगलवार को अंडमान निकोबार दीप समूह में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के लैंड वर्जन का टेस्ट फायर किया। इस मिसाइल के जरिए अंडमान के एक दीप से दूसरे दीप पर मौजदू टारगेट पर निशाना लगाया गया। सूत्रों ने बताया कि ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का टेस्ट फायर सुबह 10 बजे किया गया, जो अपने निशाना पर लगा। ये टेस्ट भारतीय सेना द्वारा किया गया। 2.8 मैक की शीर्ष गति (ध्वनि की गति से लगभग तीन गुना अधिक) अधिक स्पीड, 400 किमी रेंज वाली BrahMos सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के भारतीय सेना, नौसेना और एयरफोर्स द्वारा विभिन्न टेस्ट हिंद महासागर में किए जाने हैं।

आपको बात दें कि लद्दाख में चीन के साथ जारी विवाद के बीच भारत द्वारा BrahMos सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के कई टेस्ट किए जाने हैं। ब्रह्मोस मिसाइल को जमीन, समुद्र और लड़ाकू विमानों से भी दागा जा सकता है। भारत, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में चीन से लगी सीमा पर कई रणनीतिक स्थलों पर पहले ही काफी संख्या में ब्रह्मोस मिसाइलों की तैनाती कर चुका है। 

डीआरडीओ और रूस के प्रमुख एरोस्पेस उपक्रम एनपीओएम द्वारा संयुक्त रूप से विकसित ब्राह्मोस मिसाइल मध्यम रेंज की ‘रेमजेट सुपरसोनिक क्रूज’ मिसाइल है, जिसे पनडुब्बियों, युद्धपोतों, लड़ाकू विमानों तथा जमीन से दागा जा सकता है।  यह मिसाइल पहले से ही भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना के पास है। इसे दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल माना जाता है। पिछले साल मई में भारतीय वायुसेना ने सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से ब्रह्मोस मिसाइल के हवाई संस्करण का सफल परीक्षण किया गया था।

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