लखनऊ। कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में एनकाउंटर में मारे गए विकास दुबे के गांव वाले भी अब पुलिस के रडार पर हैं। पिछले दिनों विकास दुबे के पड़ोसी श्यामू बाजपेई को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार करने का दावा किया था। सोमवार को श्यामू बाजपेई की मां और उसकी दो बहने एसआईटी के सामने अपना पक्ष रखने के लिए राजधानी लखनऊ स्थित बापू भवन पहुंची। यहां उन्होंने अपना पक्ष रखा।

श्यामू बाजपेई की बहन और मां ने बताया कि उनका विकास दुबे से कोई लेना-देना नहीं था 2 जुलाई को घटना की रात उनका पूरा परिवार छत पर सो रहा था। अचानक रात में फायरिंग होने लगी। इस दौरान सभी छत से नीचे उतर गए और कमरे में दुबक कर बैठ गए। उन्होंने बताया कि इस दौरान उनका भाई श्यामू भी उनके साथ ही था। उसने कोई गोली नहीं चलाई। सुबह उन लोगों को पता चला कि 8 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है। सुबह पुलिस की टीम उनके भाई को साथ ले गई। जब घर वालों ने कहा कि साहब बेटे को कहां ले जा रहे हो तो उन्होंने बताया कि पूछताछ करनी है। पूछताछ करके छोड़ देंगे। लेकिन उनके बेटे को छोड़ा नहीं गया। वह बार-बार पूछती रही तो पता यह चला कि पुलिस ने हिरासत में रखा है। लेकिन 8 जुलाई को जब टीवी के जरिए उन्हें सूचना मिली कि पुलिस ने पैर में गोली मार दी है और मुठभेड़ दिखा दी है। इसके बाद से वह न्याय की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और एसआईटी की टीम से भी हाथ जोड़कर प्रार्थना की है कि उनका बेटा निर्दोष है। थाने में कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उसके मोबाइल की सीडीआर भी निकाल कर जांच कर ली जाए। उनका बेटा बिल्कुल निर्दोष है। उनका सिर्फ कसूर इतना है कि वह विकास दुबे के पड़ोसी हैं। इसलिए उनके बेटे को इस केस में घसीटा जा रहा है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के कानपुर कांड और विकास दुबे एनकाउंटर मामले में गठित की गई विशेष जांच दल (SIT) को लखनऊ में अपना दफ्तर मिलाहै। एसआईटी ने दफ्तर में काम शुरू कर दिया है.।एसआईटी का ये दफ्तर बापू भवन की चौथी मंजिल पर रूम नंबर 401 में बनाया गया है। दफ्तर में एसआईटी ने मामले में बयान दर्ज करने का काम शुरू कर दिया है। एसआईटी के अध्यक्ष सीनियर आईएएस संजय भूसरेड्डी ने बताया कि इस केस के संबंध कोई भी शख्स [email protected] पर ईमेल से संपर्क कर सकता है या 0522-2214540 फोन नंबर पर जानकारी दे सकता है। बिकरु कांड, विकास दुबे या उसके गैंग से जुड़ी कोई भी सूचना एसआईटी को दी जा सकती है। यही नहीं मामले में अधिकारियों की मिलीभगत की जानकारी भी एसआईटी को दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि दिन में 12 से 2 बजे तक सूचना दी जा सकती है। इसी समय के भीतर श्यामू बाजपेई का परिवार पंहुचा और अपने बयान दर्ज कराये।

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