बलरामपुर जिले में इस समय राप्ती का कहर जारी है। राप्ती में जारी तेज बहाव और लगातार हो रही कटान से ग्रामीण परेशान हो गए हैं। वहीं, सरकारी मदद भी न के बराबर मिल रही है। ग्रामीणों को सरकारी मदद न मिलने की वजह से सभी में प्रशासन के खिलाफ रोष व्याप्त है।

जिले के तहसील उतरौला के अंतर्गत ग्राम गोनकोट के ग्रामीणों की जान आफत में आ गई है, राप्ती नदी का जलस्तर कम होने से गांव के पास नदी बहुत तेजी से काटन कर रही है, ग्रामीणों का कहना हैं कि 15 दिन के अंदर लगभग 200 मीटर नदी जमीन कटान करके सड़क के किनारे पहुंच गई है लेकिन जिला प्रशासन मौन धारण किए बैठा है। प्रशासन के द्वारा कुछ दिन पहले फ्लैट फाइटिंग लगाई गई थी लेकिन अब वह भी नदी के अंदर समा चुका है। गांव वालों का कहना है कि गांव से लेकर हम लोग तहसील तक वर्षो से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन प्रशासन के द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है, कटान इतना तेजी है कि एक ही दिन में कई सौ मीटर नदी कटान कर देती है।
प्रशासन का सुस्त रवैया ग्रामीणों पर जानलेवा बनता जा रहा है, इस वजह से ग्रामीण भय भीत नज़र आ रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य पिपरी कोल्हुई चंद्र प्रकाश पांडेय ने बताया कि प्रशासन के सुस्त रवैए से गांव को बचाने के लिए कुछ खास इंतजाम नहीं किए गए जा रहे हैं और ये जो बांस की फ्लैट फाइटिंग बना कर नदी में डाला जा रहा है ये केवल खाना पूर्ति करके प्रशासन के द्वारा सर्कस दिखाने का काम किया जा रहा है। सदस्य जिला पंचायत पिपरी कोल्हुई चंद्र प्रकाश पांडेय बताया कि अगर ग्रामीणों का प्रशासन की तरफ से कोई नदी के कटान से बचने के लिए अगर जल्द ही इंतजाम नहीं किए गए तो ग्रामीणों के साथ हम सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
जिलाधिकारी बलरामपुर ने बताया कि फ्लैट फाइटिंग लगाकर गांव को बचाने का काम तेजी से जारी हैं। वही इस मौके पर चंद्र प्रकाश पांडे जिला पंचायत सदस्य सहित गोन कोट गांव के जमील, दुर्गा विश्वकर्मा, मेघू मौर्य, मनिक विश्वकर्मा, धनीराम, बुधराम, जगदंबा, श्याम सिंह ,कल्लन विश्वकर्मा,अजमल,संदीप,लाल बाबू, सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर अपनी सुरक्षा का गुहार लगाई है।

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