शामली: उत्तर प्रदेश के शामली में बंदरों के आतंक की वजह से बीजेपी नेता की पत्नी की मौत हो गई. कैराना में बंदरों के उत्पात की खबरें आम हैं. लेकिन इसके बाद भी इसे लेकर कोई काम नहीं किया जा रहा. इसका नतीजा ये रहा कि बंदरों के हमले में वरिष्ठ बीजेपी नेता अनिल चौहान की पत्नी और जिला पंचायत की पूर्व सदस्य सुषमा चौहान की मौत हो गई.
सुषमा चौहान पूर्व सासंद बाबू हुकम सिंह के भतीजे और वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल चौहान की थी. सुषमा राजनीति में सक्रिय रह चुकी हैं. सुषमा वार्ड नंबर 13 से जिला पंचायत सदस्य थीं. जानकारी के अनुसार मंगलवार को सुषमा मंदिर से पूजा करके लौटी तो उन्होंने देखा घर की दूसरी मंजिल पर बंदरों का झुंड है.
दूसरी मंजिल से गिरकर हुई मौत
सुषमा बंदरों को भागने की कोशिश कर रही थीं. इसी दौरान बंदरों ने उन पर झपट्टा मार दिया. इसी दौरान सुषमा का संतुलन बिगड़ा और वो सीढ़ियों से फिसलकर फर्श पर आ गिरीं आनन-फानन में पति अनिल चौहान ने और परिवार के अन्य सदस्यों ने उन्हें शामली के एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए. यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
सूचना मिलते ही पूरे इलाके में शोक छा गया. हजारों लोगों की मौजूदगी में मायापुर फार्म हाउस में उनका अंतिम संस्कार कियटा गया. इस घटना से लोगों में शोक के साथ-साथ गुस्सा भी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कैरान में बंदरों का आतंक बढ़ गया है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.
बंदरों को पकड़ने के लिए मथुयार टीम से मांगी मदद
हादसे के बाद नगर पालिका ने बंदरों को पकड़वाने का अभियान शुरू कर दिया है. चैयरमैन हाजी अनवर हसन ने बताया कि बंदरों को पकड़ने के लिए मथुरा की टीम से संपर्क किया गया था. टीम ने बताया है कि वो अभी लखनऊ में बंदर पकड़ रहे हैं. दो-तीन बाद मथुरा आकर वो संपर्क करेंगे.
बंदर पकड़ो अभियान
उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन के स्थानीय नागरिकों और सैलानियों को बंदरों से आ रही समस्याओं को देखते हुए नगर निगम ने बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया है और पहले ही दिन 85 बंदरों को पकड़ा गया. जिले में बंदरों द्वारा धक्का दिए जाने और बुजुर्गों, महिलाओं  और बच्चों पर हमला किए जाने से कई लोगों की मौत हो चुकी है.

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