वाराणसी में सारनाथ के सिंहपुर ग्राम पंचायत के पास पुलिस ने फिर शराब की तस्करी पकड़ी है। कार से 12 पेटी अवैध शराब बरामद की। मामले को रफा-दफा करने के लिए देर रात तक चौबेपुर थाने से लेकर पुलिस अफसरों पर दबाव बनाने की जद्दोजहद चलती रही। लेकिन दबाव काम नहीं आया और पुलिस ने भाजपा नेता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष संजय गुप्ता, उनके भाई संतोष गुप्ता, अरविंद पांडेय और मिल्कोपुर निवासी बबलू पाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अरविंद और बबलू को गिरफ्तार कर लिया गया है। भाजपा नेता और उसके भाई की गिरफ्तारी के लिए टीमें बनाई गई हैं। इससे पहले पिछले हफ्ते ही सारनाथ पुलिस ने शराब तस्करी के बड़े खेल का खुलासा किया था। उसमें 38 लाख नगद समेत शराब की गोदाम सील की गई थी।

चौबेपुर थाना क्षेत्र के चिरईगांव चौकी प्रभारी आनंद चौरसिया रिंग रोड पर चेंकिंग कर रहे थे। इस दौरान कार सवार तेजी से निकली। पीछा करने पर सिंहपुर के पास गड्ढे में कार चली गई। इसके बाद पुलिस ने पकड़ लिया। कार सवार दो लोगों से पूछताछ की गई तो भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष संजय गुप्ता का नाम सामने आया। चौबेपुर पुलिस ने कार कब्जे में ले लिया। इसी दौरान भाजयुमो जिलाध्यक्ष लिखी बिना नंबर की स्कार्पियो से कुछ लोग पहुंचे और पैरवी करने लगे। पुलिस स्कार्पियो भी थाने ले आई।

दोनों के साथ पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ में पता चला कि दामोदरपुर निवासी भाजपा नेता के परिजन के नाम से शराब की लाइसेंसी दुकान है। इसी के जरिये शराब की तस्करी ऊंचे दाम पर हो रही थी। भाजपा नेता को भी पुलिस ने थाने बुलवा लिया। वहां मामले को रफा-दफा करने के लिए दबाव डाला जाने लगा। सत्ता पक्ष के कई लोगों के फोन थाने से लेकर पुलिस अधिकारियों तक आने लगे। चर्चा यह भी रही कि खुद भाजपा का नेता ही इस पूरे सिंडीकेट में शामिल है। हालांकि सीधे तौर पर कहीं संलिप्तता नहीं आने पर पहले तो पुलिस ने देर रात पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया। मामले में भाजपा नेता के भाई समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। कार और शराब जब्त कर ली गई।

देर रात एसएसपी के आदेश पर भाजपा नेता संजय गुप्ता पर भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया। दोनों आरोपितों के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित कर दी गई हैं। इसके पहले भी पूरनपट्टी में पिछले दिनों लाइसेंसी दुकान से खुलेआम शराब बिक्री हो रही थी। तब चौबेपुर पुलिस ने छापेमारी कर तीन को उठाया तो सत्ता पक्ष का झंडा लगे वाहन से पीछाकर पुलिसकर्मियों को रोक लिया गया। दबाव बनाकर छुड़वा दिया गया।

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