कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने स्वीकार कर लिया है। साथ ही एक हजार बसों की लिस्ट मांगी है। प्रियंका गांधी ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर प्रवासी श्रमिकों को घर पहुंचाने के लिए 1000 बसें चलाने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पार्टी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने में जो खर्च आएगा, वह वहन करेगी। ऐसे में हमें एक हजार बसें चलाने की अनुमति दी जाए।

प्रियंका गांधी के प्रस्ताव को अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने स्वीकार किया है। इसके साथ ही इस संबंध में कांग्रेस महासचिव के निजी सचिव को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि प्रवासी मजदूरों के संदर्भ में प्रियंका गांधी के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया है। आप एक हजार बसों की सूची चालक/परिचालक का नाम व अन्य जानकारी उपलब्ध कराने का कष्ट करें, जिससे इनका उपयोग प्रवासी श्रमिकों की सेवा में किया जा सके।

औरैया सड़क हादसे के एक दिन बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्विटर पर वीडियो संदेश के जरिए भी इस बात के लिए आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की तरफ से यूपी सीमा पर श्रमिकों को ले जाने के लिए एक हजार बसें तैयार हैं, इसके लिए आप अनुमति प्रदान करें।

वहीं उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने प्रियंका गांधी पर पलटवार किया और इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी बसों को उत्तर प्रदेश की सीमा पर भेजने की बात कर रही हैं। उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं है कि प्रवासी उत्तर प्रदेश से जा नहीं रहे बल्कि यहां आ रहे हैं। अगर उन्हें बसें भेजनी ही हैं तो कांग्रेस शासित पंजाब और महाराष्ट्र में भेजें। इन्हीं दो राज्यों से सबसे ज्यादा मजदूर वापस आ रहे हैं।

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