अलीगढ़: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को जेएन मेडिकल कॉलेज के आडिटोरियम में बैठक की. इसके बाद माडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया में खबरें चल रही थी कि एएमयू में कई प्रोफेसर की मौत कोविड-19 से हुई है. उन्होंने बताया कि जो पहले चरण में वैक्सीन नहीं लगवा पाए, उनकी मौत हुई.
उन्होंने कहा कि अब वैक्सीनेशन के कार्यक्रम से सभी जुड़ रहे हैं और वैक्सीनेशन ही कोविड-19 का सुरक्षा चक्र है. उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की आपूर्ति जेएन मेडिकल कॉलेज में प्रारंभ कर दी गई है. एक-एक जीवन अमूल्य है और मानवीय संवेदना सबसे महत्वपूर्ण है. हर एक जीवन को संवेदनशील तरीके से बचाने का काम किया जा रहा है. इसकी आज सबसे बड़ी आवश्यकता है.
फील्ड में उतर कर काम करने का समय
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर जिले में जाकर के कोविड-19 को लेकर समीक्षा कर रहे हैं. इसी कड़ी में गुरुवार को उन्होंने अलीगढ़ के एएमयू कैंपस के जेएन मेडिकल कॉलेज के सभागार में कुलपति और जिले के अधिकारियों के साथ समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने वर्चुअल तरीके से लोगों से बातचीत भी की. उन्होंने कहा कि अब फील्ड में उतर कर महामारी के खिलाफ काम करने की जरूरत है.
ऑक्सीजन की अचानक बढ़ गई डिमांड
सीएम योगी ने बताया कि पिछले 12 दिनों के अंदर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के केसों की संख्या एक लाख छह हजार कम हुई है. प्रदेश सरकार ने टेस्ट, ट्रेस, और ट्रीट की नीति को आगे बढ़ाया है. इस अभियान के जरिए ही कोरोना की दूसरी वेव पर नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है. लगातार इसी अभियान को प्रभावी बनाकर संक्रमण की चैन को तोड़ने का काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि व्यापक पैमाने पर टेस्ट हो रहे हैं.
अभी तक लगभग चार करोड़ 36 लाख से अधिक कोरोना टेस्ट पूरे कर चुके हैं. कोरोना के पहले चरण के तुलना में दूसरे चरण में ऑक्सीजन की डिमांड अचानक बढ़ गई. कोरोना के फर्स्ट वेव के समय में अस्पताल, बेड या आइसोलेशन की समस्या नहीं आई थी और उस समय ऑक्सीजन की भी डिमांड भी नहीं थी. लेकिन कोरोना की दूसरी वेव में ऑक्सीजन की समस्या अचानक खड़ी हो गई. उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले 330 मीट्रिक टन की खपत एक दिन में थी. लेकिन कोरोना संक्रमण के दौर में यह मांग एक हजार मीट्रिक टन प्रति दिन बढ़ गई. अब प्रदेश में 1030 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध करा रहे हैं.
वैक्सीनेशन ही कोरोना से बचाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि कोविड-19 से बचाव का सबसे अच्छा तरीका टीकाकरण है. उन्होंने बताया कि सुरक्षा कवच के रूप में टीका जरूर लगवाएं और अब तक प्रदेश में एक करोड़ 43 लाख टीके लगाए गए हैं. जोकि 45 साल से ऊपर के लोगों के लगे हैं. वहीं दो लाख 65 हजार 745 टीके 18 साल से ऊपर के लोगों को लगाए गए हैं. उन्होंने बताया कि टीकाकरण का कार्यक्रम प्रदेश में सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है.
प्रदेश में 377 ऑक्सीजन प्लांट पर चल रहा काम
उन्होंने बताया कि दोबारा प्रदेश में ऑक्सीजन का संकट न हो. इसके लिए प्रधानमंत्री केयर फंड से प्रदेश को 161 ऑक्सीजन प्लांट लगाने की सहमति मिली है. इसका कार्य प्रारंभ हो चुका है. राज्य सरकार अपने संसाधनों से अलग-अलग विभागों के माध्यम से ऑक्सीजन प्लांट लगवा रही हैं. उन्होंने बताया कि 377 नए ऑक्सीजन प्लांट पर प्रदेश में काम चल रहा है.
कोरोना के थर्ड वेव पर हो रहा है काम
मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारे पास L-2, L-3 बेड की संख्या करीब 80 हजार है और इसमें बढ़ोतरी की जा रही है. उन्होंने बताया कि सेकंड वेव में 5 से 10 मई तक एक लाख की संख्या में कोरोना के मामले सामने आएं हैं. लेकिन आज उत्तर प्रदेश में कुल 17000 पॉजिटिव केस हैं. उन्होंने बताया कि हमने सभी आशंकाओं को गलत साबित किया है. उन्होंने बताया कि कोरोना को लेकर लापरवाही छोड़नी पड़ेगी और सतर्कता हमेशा रखनी पड़ेगी. कोरोना की थर्ड वेव की आशंका को देखते हुए इसकी तैयारी शुरू कर दी है. पीडियाट्रिक्स विभाग के आईसीयू का निर्माण अभी से हर जनपद में किया जा रहा है. उनकी ट्रेनिंग के कार्यक्रम किए जा रहे हैं. पोस्ट कोविड-19 में ब्लैक फंगस का जो रूप देखने को मिला है. उसके भी उपचार की व्यवस्था लखनऊ से शुरू कर दी है. एक-दो दिन के अंदर में पूरे जनपद में सेमिनार करके इलाज की व्यवस्था बनाई जा रही है.
महिलाओं और बच्चों के लिए अलग डेडिकेटेड अस्पताल बनेगा
उन्होंने बताया कि दूरदराज के सीएचसी में ऑक्सीजन की आवश्यकता के लिए 20 हजार से अधिक कंसंट्रेटर पूरे प्रदेश को उपलब्ध करा रहे हैं. ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ऑक्सीजन की आपूर्ति ऑटोमेटिक तरीके से करेगा और यह सफलतापूर्वक प्रदेश में संचालित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि हर जनपद में महिलाओं और बच्चों के लिए डेडिकेटेड हॉस्पिटल बनाने के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि नॉन कोविड मरीज और कोविड-19 मरीज के लिए टेलीमेडिसिन की व्यवस्था की गई है और जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति भी प्रारंभ की गई है.

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