मजबूरी के कारण करना पड़ा फैसला

pranab-mamataदीदीगीरी पर आखिर दादागीरी भारी पड़ गई। प्रणब दादा को समर्थन देने के लिए ममता दीदी राजी हो गई हैं। तृणमूल कांग्रेस नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आखिर साफ कर दिया कि राष्ट्रपति चुनाव में उनकी पार्टी यूपीए प्रत्याशी प्रणव मुखर्जी के पक्ष में वोट करेगी। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग का फैसला बाद में किया जाएगा।

कोलकाता में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए ममता ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव देश का सबसे बड़ा चुनाव है। इस अहम चुनाव में हम अपना वोट बर्बाद नहीं करना चाहते। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके सामने प्रणव मुखर्जी का समर्थन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया था। उन्होंने कहा कि यह एक कठिन फैसला था।

गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति चुनाव के मसले पर लंबा इंतजार कराने के बाद आखिर यू टर्न लिया। इससे पहले ममता ने अपनी तरफ से एपीजे अब्दुल कलाम को सबसे अच्छा प्रत्याशी बताया था। मगर, कलाम चुनाव लडऩे को तैयार नहीं हुए। मुलायम सिंह द्वारा यूपीए प्रत्याशी का समर्थन किए जाने और प्रणव की जीत करीब-करीब तय हो जाने के बाद अब ममता के सामने बहुत सीमित विकल्प रह गए थे। वह या तो राष्ट्रपति चुनाव से अलग रहतीं या फिर एनडीए के प्रत्याशी पी ए संगमा का समर्थन करतीं। दोनों ही स्थितियों में उनकी पार्टी प्रणव मुखर्जी की जीत को टाल नहीं सकती थी। मगर, प्रदेश के वोटरों की नजर में विलेन जरूर बन सकती थी। सीपीएम और कांग्रेस राज्य में इस बात का जोर-शोर से प्रचार करतीं कि जब बंगाल का एक बेटा राष्ट्रपति बनने वाला था, तो ममता ने उसे रोकने की हर संभव कोशिश की। ऐसे में राष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग से दो दिन पहले मंगलवार को यह ऐलान कर दिया कि उनकी पार्टी प्रणव मुखर्जी को वोट देगी। हालांकि अब भी ममता ने उपराष्ट्रपति चुनाव पर अपना रुख साफ नहीं किया है। उनका कहना है कि उस बारे में पार्टी बाद में फैसला करेगी।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.