आगामी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) में किसान आंदोलन (Kisan Aandolan) और ‘टिकैत फैक्टर’ (Tikait Factor) से मुकाबले के लिए बीजेपी (BJP) ने तैयारी पूरी कर ली है. 22 से 25 अगस्त के बीच राजधानी लखनऊ (Lucknow) में बीजेपी की तरफ से किसान पंचायत (Kisan Panchayat) करने का ऐलान किया गया है. इसके पहले 16 से 23 अगस्त तक बीजेपी किसान मोर्चा गन्ना बाहुल्य विधानसभा क्षेत्रों में किसान संवाद का आयोजन करेगी.
किसान पंचायत आयोजित करने की जिम्मेदारी बीजेपी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह को दी गई है. किसान पंचायत कर बीजेपी सरकार की तरफ से किसानों के लिए किए गए काम काज की जानकारी देगी. इसके अलावा पश्चिमी यूपी में किसान आंदोलन के प्रभाव को कम करने के लिए बीजेपी किसान चौपाल भी लगाएगी.दरअसल, कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन के माध्यम से बीजेपी के खिलाफ माहौल बनाने की तैयारी है.
यही वजह है कि भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत बीजेपी के खिलाफ माहौल बनाने में लगे हैं. यही वजह है कि बंगाल चुनाव के दौरान राकेश टिकैत वहां गए थे और बीजेपी के खिलाफ वोट करने की अपील की थी. यही नहीं टिकैत ने लखनऊ को भी दिल्ली बनाने की चेतावनी दी थी. हालांकि बीजेपी लगातार पलटवार कर रही है, लेकिन अब बीजेपी ने किसान पंचायत के तहत टिकैत फैक्टर को खत्म करने की कोशिश है.

किसानों को साधने की तैयारी

पार्टी को लगता है कि राकेश टिकैत की वजह से पश्चिम यूपी के कुछ जिलों में किसान आंदोलन का असर हो सकता है. बीजेपी किसान मोर्चे के अध्यक्ष कामेश्वर सिंह को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे किसानों के बीच जाकर सरकार द्वारा उनके हित में चलाई जा रही योजनाओं के बारे में बताएं. साथ ही किसान आंदोलन को लेकर हो रही सियासत से भी उन्हें रूबरू करवाएं.

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