नवीन श्रीवास्तव
आज यानी 17 सितम्बर को पूरा देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 70 वां जन्मदिन मना रहा है। प्रधानमंत्री मोदी उपलब्धियों और लोकप्रियता के शिखर पर होते हुए भी आम जनता के बेहद करीब हैं। जनता के सुख दुख को आत्मसात करने वाले देश को प्रगति पर ले जाने के लिए दिन-रात काम करने वाले देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा न कोई था न कोई है। देश की आर्थिक गतिविधियां शुरू हो सकें इसके लिए उन्होंने अनलॉक प्रक्रिया को अपनाया है। इस कोरोनाकाल में लोगों को अपने घर के आसपास में ही रोजगार मिले इसके लिए उन्होंने आत्मनिर्भर कार्यक्रम शुरू किया। देश को मजबूत देने के लिए उन्होंने 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज दिया है। मोदी सरकार की तरफ से कोरोनाकाल में दिए गए हजारों करोड़ रुपये में गांव के किसान से लेकर ग्रामीण और बड़े उद्योगपतियों से लेकर छोटे व्यापारी तक को राहत देने की बात कहीं गई है।
सरकार की तरफ से किश्तों का आवंटन करके देश को गति दिलाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ की तरफ मोदी सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों की न सिर्फ सराहना हो रही बल्कि गांवों में भी लोगों को रोजगार मिल रहा है। अब देश के बेरोजगार युवा अपने गांव में ही अपना काम धंध शुरू करके गांव को तरक्की प्रदान कर रहे हैं। मोदी सरकार की तरफ से दिया गया राहत ग्रामीणों के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रहा है। कृषि और पशुपालन क्षेत्र के सरकार की तरफ से जिस तरह से ध्यान दिया गया है उससे हमारे किसान भाईयों को इस कोरोनाकाल में बहुत ही राहत मिली है। मोदी सरकार किसानों के हित में काम करने के लिए सबकुछ करने को तैयार है ताकि किसानों की आय को बेहतर से बेहतर किया जा सकें। यही नहीं मोदी सरकार किसानों के हित में एक के बाद एक योजनाएं ला रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का एलान किया और इसे ‘आत्मनिर्भर भारत पैकेज’ नाम दिया था। पीएम ने आर्थिक पैकेज की घोषणा करते हुए कहा, ‘कोरोना संकट का सामना करते हुए, नए संकल्प के साथ मैं आज एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रहा हूं। ये आर्थिक पैकेज,’आत्मनिर्भरभारत अभियान’ की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा।’
‘आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए, इस पैकेज में- पीएम ने चार एल का सूत्र भी दिया जिसमें उन्होंने लैंड, लेबर, लिक्विडिटी और लॉ सभी पर बल दिया।’ पीएम कहा था,’ये आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग,गृह उद्योग,हमारे लघु-मंझोले उद्योग,हमारे एमएसएमई के लिए है,जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है,जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है।’ मोदी जी का यह फैसला बिहार सहित अन्य सभी राज्यों के लिए कारगर साबित होगा।
देश को बढ़ाने का रहे काम
गुजरात को एक बेहतर प्रदेश बनाने वाले पीएम मोदी ने देश को एक बेहतर बनाने का संकल्प वर्ष 2014 में लिया था, तब से वह लगातार देश को प्रगति देने का काम कर रहे हैं। पीएम मोदी जिस तरह से एक के एक देशहित में योजनाएं दी है, उसको अगुंलियों पर नहीं गिनाया जा सकता है। उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल में जहां आत्मनिर्भर जैसा बड़ा प्रोजेक्ट लॉन्च किया है तो वहीं अन्य बड़ी योजनाएं लांच की है। चाहे वह देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन बनाने की तरफ उन्होंने कदम भी बढ़ाया है। देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए उन्होंने काम भी शुरू किया है। कोरोना वायरस की वजह से अभी भले ही कुछ दिनों के लिए अर्थव्यवस्था ठहर गई है, लेकिन हमारी हार नहीं हुई है। हम जीतेंगे और भारत को अर्थव्यवस्था में भी ‘अर्थगुरू’ बनाएंगे।
देश के गौरव में 20 मई को जुड़ा नाम
पहली लोकसभा चुनाव में पार्टी को भारी मतों के साथ में जीत दिलाने के बाद जब पीएम मोदी ने अपने कदम संसद में रखे थे वह वास्तव में बहुत ही प्रेरणादायक थे। 20 मई 2014 को संसद भवन में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित भाजपा संसदीय दल एवं सहयोगी दलों की एक संयुक्त बैठक में जब लोग प्रवेश कर रहे थे तो नरेन्द्र मोदी ने प्रवेश करने से पूर्व संसद भवन को ठीक वैसे ही जमीन पर झुककर प्रणाम किया जैसे किसी पवित्र मन्दिर में प्रणाम करते हैं। संसद भवन के इतिहास में उन्होंने ऐसा करके समस्त सांसदों के लिए उदाहरण पेश किया। संसद भवन वास्तव में मंदिर ही है जहां से देश की जनता का कल्याण किया जा रहा है और नित नई-नई कल्याणकारी योजनाएं मोदी सरकार पास करके राष्ट्रहित में काम कर रहे हैं। मोदी जी के नेतृत्व में यह ऐसे ही आगे बढ़ता रहे। जिनके लिए घर परिवार कुछ नहीं है सिर्फ देश ही सबकुछ है। देश को ऐसा प्रधानमंत्री न पहले मिला था और न ही आगे मिलेगा। मोदी जी जैसा न कोई है न कोई होगा। मैं अपनी बात पीएम मोदी की इन लाइनों से समाप्त करना चाहूंगा।
अपने मन में एक लक्ष्य लिए
मंज़िल अपनी प्रत्यक्ष लिए
हम तोड़ रहे हैं जंजीरें
हम बदल रहे हैं तस्वीरें
ये नवयुग है, नव भारत है
खुद लिखेंगे अपनी तकदीरें
हम निकल पड़े हैं प्रण करके
अपना तन-मन अर्पण करके
जिद है एक सूर्य उगाना है
अम्बर से ऊँचा जाना है
एक भारत नया बनाना है
एक भारत नया बनाना है

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