यूपी के गोरखपुर जिले में बाढ़ ने तबाही मचा रखी है. बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस चुका है. घरों में कमर के ऊपर तक पानी भरा हुआ है. जहां सड़कें थी वहां अब तालाब नजर आ रहे हैं. वहीं, गांवों में लोग अपने मवेशियों के साथ सुरक्षित ठिकाना ढूंढ रहे हैं. कई जगहों पर बांध में रिसाव हो रहा है. जिंदगी की जद्दोजहद के बीच लोग अपना और परिवार का पेट पालने के लिए गांव और घर छोड़कर पलायन कर रहे हैं. इसी बीच जिंदगी जीने का हौसला देती एक बच्ची की तस्वीर वायरल हो रही है.
दरअसल, बच्ची स्कूल ड्रेस में तैयार होकर अकेले नाव खेकर स्कूल जा रही है. उफनाती राप्‍ती नदी में बाढ़ के बीच अकेले नाव खेकर स्‍कूल जा रही ये बच्‍ची हिम्मत की मिसाल है. बैग के साथ नाव से जा रही बच्‍ची के हौसले के देखकर कुछ देर के लिए ही सही बाढ़ की मुसीबतों में घिरे लोग अपनी परेशानी को तो भूल ही जाएंगे. जब स्‍कूलों को एक सितंबर से खोलने का आदेश हुआ, तो लोगों के समझ ही नहीं आया कि वे इन परेशानियों और मुसीबतों के बीच बच्‍चों को कैसे स्‍कूल भेजेंगे, लेकिन दक्षिणी बहरामपुर में बाढ़ से उफनाती राप्‍ती नदी में नाव खेकर अकेले स्‍कूल जाती बच्‍ची के जज्‍बे ने लोगों का दिल जीत लिया.
टूटा रिंग बांध
गुरुवार तड़के कौड़ीराम ब्‍लॉक के भरवलिया-बसावनपुर रिंग बांध के टूटने से भरवलिया और बसावनपुर गांव में फंसे लोगों को प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमों ने रेस्‍क्‍यू करके सुरक्षित जगह पर पहुंचाया. वहीं शुक्रवार की दोपहर 3 बजे करीब चौरीचौरा के जोगिया में राजधानी-सिलहआ मुख्‍य तटबंध और आमघाट तटबंध के टूट जाने से एक दर्जन से अधिक गांव की 30 हजार आबादी प्रभावित हो गई. शहर के पश्चिमी छोर बहरामपुर तक में बाढ़ के पानी ने कहर बरपा दिया है. बहरामपुर के रहने वाले अधिकतर लोग भीषण बाढ़ की वजह से नाव के सहारे पलायन कर रहे हैं.
विधायक खुद बांट रहे राशन
इस बीच गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह ने बताया कि पानी निकालने के लिए चौथे पम्‍प को भी चलवा दिया है. उन्‍होंने बताया कि वे खुद राशन का वितरण कर रहे हैं. इसके अलावा नाव का भी इंतजाम किया गया है. अचानक बाढ़ आने से लोगों को दिक्‍कत हुई है. बाढ़ से घिरे लोगों की मदद के लिए वे पूरी तरह से मदद के लिए तैयार हैं. किसी को भी कोई जरूरत होगी, तो वे उसकी मदद के लिए खड़े हैं.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.