चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने धमकी दी है कि चीन की प्रभुता, सुरक्षा और विकास के हितों से छेड़छाड़ हुई तो वे खाली नहीं बैठेंगे। शी जिनपिंग ने कहा है कि वे किसी भी ताकत ने अगर चीन को तोड़ने का प्रयास किया तो उस ताकत को भी ऐसा नहीं करने दिया जाएगा। शी जिनपिंग ने कहा है कि चीन ने कभी भी विस्तारवाद और अधिपत्य की नीति नहीं अपनाई।
जिनपिंग ने कहा कि अगर चीन की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास के हितों को कोई हालांकि चुनौती नहीं दे सकता लेकिन अगर ऐसी स्थिति पैदा होती है तो चीन की जनता उसका मुंहतोड़ जवाब देगी। शी जिनपिंग ने अपने भाषण में हालांकि किसी देश का नाम नहीं लिया है लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि जिनपिंग ने भारत और अमेरिका को लेकर यह बातें कही हैं।
चीनी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने चीनी राष्ट्रपति के हवाले से कहा कि अगर इस तरह की गंभीर स्थिति पैदा हुई तो चीनी जनता निश्चित रूप से इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। चीन के राष्‍ट्रपति का बयान ऐसे समय पर आया है जब भारत और अमेरिका के साथ उसका तनाव चरम पर है। चीन की दादागिरी से बचाने के लिए अमेरिका लगातार ताइवान को अत्‍याधुनिक हथियार दे रहा है। अमेरिका ने गुरुवार को पहली बार चीन तक मार करने वाले हथियारों की ताइवान को बिक्री को मंजूरी दी है।
भारत के इस कदम से बौखलाया चीन 
इधर चीन का विवाद भारत से भी चल रहा है। पिछले चार महीनों से लद्दाख में चीनी और भारतीय सेनाएं आमने सामने हैं। इस बीच चीनी ड्रैगन को घेरने के लिए अब अमेरिका, भारत, जापान और ऑ‍स्‍ट्रेलिया साथ आ रहे हैं। नवंबर में होने जा रहे मालाबार युद्धाभ्यास में 13 साल बाद भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्‍ट्रेलिया की नौसेनाएं एक साथ जुटेंगी और चीन को कड़ा संदेश देते हुए शक्ति प्रदर्शन करेंगी।

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